सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला SIR प्रक्रिया अवैध नहीं, चुनाव आयोग ने किया कानून के मुताबिक काम
बिहार समेत 5 राज्यों में SIR को मिली वैधता, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की आपत्तियां सुप्रीम कोर्ट ने दी अहम टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को स्पष्ट किया कि बिहार समेत पांच राज्यों में चुनाव के दौरान अपनाई गई विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया अवैध नहीं है। अदालत ने इसे संविधान और कानून के दायरे में किया गया कदम बताया।
चुनाव आयोग की कार्रवाई को बताया सही
अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग ने अपनी जिम्मेदारी के तहत सही प्रक्रिया अपनाई और नियमों के अनुसार काम किया। आयोग की ओर से मतदाता सूची की जांच और सुधार की प्रक्रिया को वैध माना गया है।
संदिग्ध नाम हटाने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि मतदाता सूची से संदिग्ध या अपात्र नामों को हटाने की प्रक्रिया तेज की जाए। साथ ही यह जानकारी केंद्र सरकार को तय समय सीमा यानी चार हफ्तों के भीतर भेजी जाए।
पांच राज्यों की प्रक्रिया पर मुहर
यह फैसला बिहार समेत उन पांच राज्यों में लागू विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर आया है, जहां चुनाव के दौरान मतदाता सूची की गहन जांच की गई थी।
राजनीतिक और कानूनी महत्व
इस फैसले को चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता के लिए अहम माना जा रहा है। इससे चुनाव आयोग की शक्तियों और जिम्मेदारियों को लेकर चल रही बहस पर भी स्पष्टता आई है।
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