जनगणना में ऐतिहासिक धरोहरों की एंट्री, ताजमहल को मिला 1 नंबर, आगरा किला 150 पर दर्ज

जनगणना में ऐतिहासिक धरोहरों की एंट्री, ताजमहल को मिला 1 नंबर, आगरा किला 150 पर दर्ज

आगरा में 16 साल बाद शुरू हुई जनगणना प्रक्रिया के तहत ऐतिहासिक और प्रमुख स्थलों की भी जियो-टैगिंग की जा रही है। इस दौरान शहर के प्रमुख स्मारकों और इमारतों को अलग-अलग पहचान संख्या (नंबर) दी जा रही है।

ताजमहल को मिला ‘1’ नंबर

जनगणना के इस नए डिजिटल सिस्टम में विश्व प्रसिद्ध स्मारक ताजमहल को क्रम संख्या 1 दी गई है। वहीं आगरा के अन्य प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों को भी अलग-अलग नंबरों में दर्ज किया गया है।

 आगरा किला और बटेश्वर भी सूची में शामिल

इसी प्रक्रिया के तहत आगरा किला को 150 नंबर और बटेश्वर क्षेत्र को 170 नंबर आवंटित किया गया है। यह पूरी कवायद आधुनिक जनगणना प्रणाली के तहत की जा रही है, जिसमें हर मकान और संरचना की जियो-टैगिंग की जा रही है।

डिजिटल जनगणना में तेजी

अधिकारियों के अनुसार जिले को 23 जोन में बांटकर लगभग 11,000 प्रगणकों की तैनाती की गई है। प्रत्येक प्रगणक को 180 से 200 मकानों का सर्वे करना है। पहले चरण में सभी मकानों और संरचनाओं की जियो-टैगिंग की जा रही है।

 ऐतिहासिक धरोहरों का डिजिटल रिकॉर्ड

इस प्रक्रिया का उद्देश्य सभी ऐतिहासिक धरोहरों और सरकारी इमारतों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है, जिससे भविष्य में शहरी विकास और संरक्षण योजनाओं में मदद मिल सके।