फॉर्च्यून इंडिया की 2026 पावरफुल वुमन लिस्ट जारी: नीता अंबानी बनीं नंबर-1, कॉरपोरेट और टेक सेक्टर की महिलाओं का दबदबा
फॉर्च्यून इंडिया ने साल 2026 की 'मोस्ट पावरफुल वुमन इन इंडिया' सूची जारी कर दी है। इस बार की सूची में देश की प्रभावशाली महिलाओं की बदलती भूमिका दिखाई दी है। जहां पहले राजनीतिक क्षेत्र की महिलाओं का दबदबा रहता था, वहीं 2026 की सूची में बिजनेस, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और कॉरपोरेट सेक्टर से जुड़ी महिलाओं ने शीर्ष स्थानों पर जगह बनाई है।
इस साल रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी को सूची में पहला स्थान मिला है। इससे पहले 2025 की सूची में वह दूसरे स्थान पर थीं, जबकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शीर्ष स्थान पर थीं। 2026 की रैंकिंग में कॉरपोरेट और सामाजिक क्षेत्र में बढ़ते प्रभाव के कारण नीता अंबानी को नंबर-1 स्थान दिया गया है।
नीता अंबानी बनीं देश की सबसे शक्तिशाली महिला
नीता अंबानी लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और सामाजिक विकास के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। रिलायंस फाउंडेशन के जरिए उन्होंने देशभर में कई बड़े सामाजिक प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया है।
रिपोर्ट के अनुसार, नीता अंबानी का फोकस आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े विस्तार पर है। उन्होंने 2035 तक अपने सामाजिक कार्यों के प्रभाव को कई गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
मुंबई में प्रस्तावित बड़ी मेडिकल सिटी और मेडिकल कॉलेज परियोजना को भी उनके सामाजिक क्षेत्र के प्रमुख प्रयासों में शामिल किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में रिलायंस फाउंडेशन लगातार काम कर रहा है।
रोशनी नाडर दूसरे स्थान पर
फॉर्च्यून इंडिया की सूची में दूसरे स्थान पर एचसीएलटेक की चेयरपर्सन रोशनी नाडर मल्होत्रा हैं।
रोशनी नाडर पिछले कुछ वर्षों में भारतीय कॉरपोरेट जगत की सबसे प्रभावशाली महिलाओं में शामिल हुई हैं। उनके नेतृत्व में एचसीएलटेक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सर्विसेज पर तेजी से विस्तार किया है।
टेक्नोलॉजी सेक्टर में भारत की बढ़ती भूमिका के बीच रोशनी नाडर का नेतृत्व कंपनी की वैश्विक रणनीति में अहम माना जा रहा है।
रेड्डी बहनों का हेल्थकेयर सेक्टर में प्रभाव
इस सूची में अपोलो हॉस्पिटल्स समूह की रेड्डी बहनों ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
सुनीता रेड्डी, शोभना कामिनेनी, संगीता रेड्डी और प्रीथा रेड्डी ने भारत के हेल्थकेयर सेक्टर में अपोलो समूह को एक बड़े ब्रांड के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अपोलो हॉस्पिटल्स देश के सबसे बड़े निजी स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क में से एक है। समूह के अस्पतालों, फार्मेसी नेटवर्क और डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म के जरिए लाखों लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।
इनका फोकस अब डिजिटल हेल्थ, महिला स्वास्थ्य और तकनीक आधारित चिकित्सा सेवाओं पर बढ़ रहा है।
किरण मजूमदार-शॉ: छोटे गैराज से बनाई बायोटेक पहचान
भारत की प्रमुख महिला उद्यमियों में शामिल किरण मजूमदार-शॉ भी इस सूची में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं।
उन्होंने 1978 में एक छोटे से गैराज से बायोकॉन की शुरुआत की थी। उस दौर में महिलाओं के लिए बिजनेस की दुनिया में कदम रखना आसान नहीं था, लेकिन अपनी मेहनत और दूरदर्शिता के दम पर उन्होंने बायोकॉन को भारत की प्रमुख बायोटेक कंपनियों में शामिल कर दिया।
किरण मजूमदार-शॉ ने भारत के बायोटेक उद्योग को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।
प्रिया नायर की बड़ी छलांग
इस साल की सूची में सबसे ज्यादा चर्चा प्रिया नायर की रही है। उन्होंने रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाते हुए शीर्ष 10 में जगह बनाई है।
प्रिया नायर ने करीब तीन दशक पहले हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) में मैनेजमेंट ट्रेनी के तौर पर करियर शुरू किया था। आज वह कंपनी की एमडी और सीईओ पद पर पहुंच चुकी हैं।
उनकी रणनीति भारतीय बाजार और अलग-अलग उपभोक्ता वर्गों को समझने पर केंद्रित रही है। उनके नेतृत्व में कंपनी ने बदलते ग्राहक व्यवहार और नए बाजारों के अनुसार अपनी रणनीतियों में बदलाव किया है।
सूची में 100 प्रभावशाली महिलाओं को मिली जगह
फॉर्च्यून इंडिया की 2026 सूची में कुल 100 महिलाओं को शामिल किया गया है। इन महिलाओं ने बिजनेस, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, मीडिया, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
इस सूची से यह संकेत मिलता है कि भारत में महिला नेतृत्व अब केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्योग, नवाचार और सामाजिक बदलाव के क्षेत्रों में भी तेजी से प्रभाव बढ़ा रहा है।
राजनीति से आगे बढ़ा महिला नेतृत्व का प्रभाव
2025 की सूची में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शीर्ष स्थान पर थीं, लेकिन 2026 में कॉरपोरेट क्षेत्र की महिलाओं ने शीर्ष स्थानों पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था में निजी क्षेत्र, टेक्नोलॉजी और सामाजिक उद्यमों की बढ़ती भूमिका के कारण बिजनेस लीडर्स का प्रभाव भी तेजी से बढ़ रहा है।
फॉर्च्यून इंडिया की यह सूची भारत में महिला नेतृत्व के बदलते स्वरूप को दिखाती है, जहां महिलाएं अब कंपनियों के संचालन से लेकर सामाजिक बदलाव और तकनीकी विकास तक हर क्षेत्र में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं।
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