रथ यात्रा 2026: पुरी में सुरक्षा का बड़ा प्लान, समुद्र तट पर लाइफगार्ड्स की मॉक रेस्क्यू ड्रिल; लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन अलर्ट

रथ यात्रा 2026: पुरी में सुरक्षा का बड़ा प्लान, समुद्र तट पर लाइफगार्ड्स की मॉक रेस्क्यू ड्रिल; लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन अलर्ट

विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 को लेकर ओडिशा प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। हर साल लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने वाले पुरी धाम में इस बार भी भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। मंदिर परिसर से लेकर समुद्र तट तक प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभाग लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं।

इसी कड़ी में सोमवार को पुरी समुद्र तट पर लाइफगार्ड्स ने एक विशेष मॉक रेस्क्यू ड्रिल आयोजित की। इस अभ्यास के जरिए समुद्र में किसी भी आपात स्थिति, डूबने की घटना या दुर्घटना के दौरान तेजी से राहत और बचाव कार्य करने की क्षमता को परखा गया।

समुद्र में डूबने की स्थिति से निपटने का किया अभ्यास

पुरी लाइफगार्ड एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस मॉक ड्रिल में प्रशिक्षित लाइफगार्ड्स ने समुद्र में फंसे लोगों को बचाने की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।

अभ्यास के दौरान लाइफगार्ड्स ने दिखाया कि अगर कोई श्रद्धालु या पर्यटक समुद्र की तेज लहरों में फंस जाता है तो किस तरह तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान—

समुद्र में डूब रहे व्यक्ति तक तेजी से पहुंचना,
उसे सुरक्षित तरीके से किनारे तक लाना,
प्राथमिक उपचार देना,
गंभीर स्थिति में मेडिकल टीम को सौंपना

जैसी प्रक्रियाओं का अभ्यास किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की ड्रिल से बचाव दल की तैयारी मजबूत होती है और वास्तविक आपात स्थिति में प्रतिक्रिया समय को कम किया जा सकता है।

रथ यात्रा को देखते हुए समुद्र तट पर बढ़ाई गई निगरानी

पुरी में रथ यात्रा के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के साथ-साथ बड़ी संख्या में पर्यटक समुद्र तट पर भी पहुंचते हैं।

भीड़ बढ़ने के कारण समुद्र में स्नान के दौरान हादसों की आशंका बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने समुद्र तट पर अतिरिक्त निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है।

लाइफगार्ड्स की तैनाती बढ़ाने के साथ-साथ समुद्र में संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

श्रद्धालुओं को रिप करंट के खतरे से किया जा रहा जागरूक

मॉक ड्रिल के दौरान लाइफगार्ड्स ने लोगों को समुद्र की खतरनाक धाराओं यानी रिप करंट (Rip Current) के बारे में भी जानकारी दी।

रिप करंट समुद्र में बनने वाली ऐसी तेज जलधाराएं होती हैं, जो तैराकों को अचानक किनारे से दूर गहरे पानी की तरफ खींच सकती हैं। कई बार लोग इससे घबराकर गलत दिशा में तैरने लगते हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति रिप करंट में फंस जाए तो उसे घबराने के बजाय सीधे किनारे की ओर तैरने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसी स्थिति में शांत रहकर पानी की धारा के समानांतर तैरना और लाइफगार्ड्स की मदद लेना सुरक्षित तरीका माना जाता है।

लाइफगार्ड्स ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील

प्रशासन और लाइफगार्ड टीमों ने समुद्र में जाने वाले श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की है।

लोगों को सलाह दी जा रही है कि—

निर्धारित सुरक्षित क्षेत्रों में ही समुद्र स्नान करें।
चेतावनी संकेतों और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
तेज लहरों या खराब मौसम में समुद्र में जाने से बचें।
बच्चों और बुजुर्गों को अकेले समुद्र के पास न जाने दें।
लाइफगार्ड्स और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करें।
प्रशासन ने तैयार किया बहुस्तरीय सुरक्षा प्लान

रथ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन को देखते हुए प्रशासन बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार कर रहा है। इसमें पुलिस बल, तटरक्षक दल, लाइफगार्ड्स, स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया जा रहा है।

समुद्र तट पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बचाव उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही मेडिकल सहायता और एंबुलेंस सेवाओं को भी तैयार रखा जा रहा है।

रथ यात्रा तक जारी रहेंगे सुरक्षा अभ्यास

प्रशासन के अनुसार, रथ यात्रा शुरू होने तक समुद्र तट पर लगातार मॉक ड्रिल और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।

अधिकारियों का कहना है कि रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन की कोशिश है कि पुरी आने वाले श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के भगवान जगन्नाथ के दर्शन करें और सुरक्षित तरीके से अपनी यात्रा पूरी करें।

रथ यात्रा 2026 को देखते हुए पुरी में सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। समुद्र तट पर लाइफगार्ड्स की सक्रियता और नियमित अभ्यास किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का हिस्सा है।