नदी की जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ बड़ा एक्शन, 166 गांवों में लगेगी निशानदेही
बरेली में रामगंगा नदी के किनारे बसे 166 गांवों में अब अवैध कब्जों और पक्के निर्माण पर सख्ती की तैयारी शुरू हो गई है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित और तटवर्ती क्षेत्रों का सीमांकन कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है, ताकि नदी की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को रोका जा सके।
उपशीर्षक: 166 गांवों में होगा सीमांकन
रामगंगा नदी के आसपास बसे गांवों में सीमांकन के लिए पिलर लगाए जाएंगे। इसके जरिए यह तय किया जाएगा कि कौन-सा क्षेत्र नदी और बाढ़ प्रभावित जमीन के दायरे में आता है।
पक्का निर्माण करने वालों पर सख्ती
प्रशासन का साफ कहना है कि नदी की जमीन पर अवैध कब्जा कर पक्का निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीमांकन पूरा होने के बाद ऐसे निर्माणों को चिन्हित किया जाएगा।
बाढ़ खंड मुरादाबाद को मिली जिम्मेदारी
पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी बाढ़ खंड मुरादाबाद को सौंपी गई है। विभाग की ओर से पिलर लगाने के लिए टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन पहली बार कोई ठेकेदार सामने नहीं आया।
अब फिर से निकाला गया टेंडर
पहले टेंडर में रुचि नहीं मिलने के बाद अब री-टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।
अतिक्रमण रोकना मुख्य उद्देश्य
प्रशासन का मानना है कि नदी किनारे लगातार बढ़ते निर्माण भविष्य में बाढ़ और जलभराव की बड़ी समस्या बन सकते हैं। इसलिए समय रहते सीमांकन और निगरानी जरूरी है।
news desk MPcg