PMCH में परीक्षा के दौरान लगी आग, माइक्रोबायोलॉजी विभाग में मची अफरा-तफरी

PMCH में परीक्षा के दौरान लगी आग, माइक्रोबायोलॉजी विभाग में मची अफरा-तफरी

Patna Medical College and Hospital में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब माइक्रोबायोलॉजी विभाग में परीक्षा के दौरान अचानक आग लग गई। विभाग से उठती लपटों और धुएं को देखकर छात्रों, कर्मचारियों और अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग को सूचना दी गई, जिसके बाद कई फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए।

परीक्षा के दौरान उठने लगा धुआं

घटना उस समय हुई जब माइक्रोबायोलॉजी विभाग में दो शिफ्टों में परीक्षा चल रही थी। विभाग के एक हिस्से से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। शुरुआत में कर्मचारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग तेजी से फैलने लगी। धुआं और लपटें देखकर परीक्षा दे रहे छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

बिजली काटी गई, फिर भी बढ़ती गई आग

विभागाध्यक्ष के अनुसार, धुआं दिखाई देने के तुरंत बाद बिजली की आपूर्ति बंद कर दी गई थी ताकि आग को फैलने से रोका जा सके। इसके बावजूद आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। शुरुआती स्तर पर विभागीय कर्मचारियों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर फायर ब्रिगेड को बुलाना पड़ा।

महत्वपूर्ण दस्तावेज और उपकरण जलकर राख

इस हादसे में विभाग के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, दवाइयां, केमिकल, लैब से जुड़े उपकरण और फर्नीचर जलकर नष्ट हो गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते छात्रों और कर्मचारियों को बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

शॉर्ट-सर्किट की आशंका, जांच शुरू

अग्निशमन विभाग की प्रारंभिक जांच में आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट-सर्किट माना जा रहा है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी। घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

दो महीने में तीसरी आग ने बढ़ाए सवाल

यह पहली बार नहीं है जब PMCH में आग लगी हो। पिछले दो महीनों के दौरान अस्पताल परिसर में यह तीसरी बड़ी अग्निकांड की घटना बताई जा रही है। इससे पहले पैथोलॉजी विभाग और स्त्री एवं प्रसूति विभाग के पुराने भवन में भी आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

लगातार हो रही इन घटनाओं ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में नियमित फायर सेफ्टी ऑडिट, वायरिंग जांच और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है।

मरीजों और कर्मचारियों में बढ़ी चिंता

बार-बार हो रही आग की घटनाओं से अस्पताल के कर्मचारियों, मेडिकल छात्रों और मरीजों के परिजनों में चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों को समय रहते मजबूत नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।