विक्रमशिला-कटरिया रेल महासेतु को मिली रफ्तार! गंगा पार नाव से पहुंचे रेलवे जीएम, मेगा प्रोजेक्ट पर दिया बड़ा संकेत

विक्रमशिला-कटरिया रेल महासेतु को मिली रफ्तार! गंगा पार नाव से पहुंचे रेलवे जीएम, मेगा प्रोजेक्ट पर दिया बड़ा संकेत

भागलपुर/कहलगांव, 16 जून। भागलपुर, कोसी और सीमांचल क्षेत्र की दशकों पुरानी रेल कनेक्टिविटी की उम्मीदों को नया बल मिला है। पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) छत्रसाल सिंह ने सोमवार को बहुप्रतीक्षित विक्रमशिला-कटरिया नई रेल लाइन परियोजना और प्रस्तावित गंगा रेल पुल स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। उनके इस जमीनी दौरे को परियोजना की प्रगति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विशेष बात यह रही कि रेलवे जीएम ने गंगा नदी पार कर जलमार्ग से परियोजना क्षेत्र का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसियों और रेलवे अधिकारियों से प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति, भूमि अधिग्रहण और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी ली।

गंगा के रास्ते पहुंचे बटेश्वर स्थान

रेलवे जीएम छत्रसाल सिंह का दौरा पारंपरिक निरीक्षण से अलग रहा। वे नवगछिया क्षेत्र की ओर से गंगा नदी पार कर विशेष नाव के जरिए कहलगांव स्थित प्रसिद्ध बटेश्वर स्थान पहुंचे। यहां स्थानीय प्रतिनिधियों और रेलवे अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

बटेश्वर स्थान से वे सड़क मार्ग से भवानीपुर होते हुए सीधे विक्रमशिला रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां प्रस्तावित रेल लाइन और पुल निर्माण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने उन्हें परियोजना की तकनीकी चुनौतियों, भूमि उपलब्धता और निर्माण प्रक्रिया की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत की।

₹2549 करोड़ की परियोजना से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर

करीब ₹2549 करोड़ की लागत वाली विक्रमशिला-कटरिया नई रेल लाइन परियोजना को उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल संपर्क की नई धुरी माना जा रहा है। परियोजना के तहत गंगा नदी पर एक विशाल रेल पुल का निर्माण प्रस्तावित है, जो भागलपुर को सीधे कोसी और सीमांचल क्षेत्र से जोड़ेगा।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और संबंधित गजट अधिसूचना भी प्रकाशित की जा चुकी है। इससे आगे के निर्माण कार्य का रास्ता और अधिक साफ होने की उम्मीद है।

कोसी-सीमांचल के लिए लाइफलाइन बनेगा रेल पुल

वर्तमान में भागलपुर और सीमांचल क्षेत्र के बीच रेल यात्रा के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। विक्रमशिला-कटरिया रेल पुल बनने के बाद यह दूरी और यात्रा समय दोनों में उल्लेखनीय कमी आएगी। इसका सीधा लाभ भागलपुर, नवगछिया, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और आसपास के जिलों को मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल यात्री परिवहन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कृषि, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को भी नई गति देगी। गंगा के दोनों किनारों के बीच आर्थिक गतिविधियों में बड़ा विस्तार संभव होगा।

निरीक्षण से बढ़ीं उम्मीदें

रेलवे जीएम के ग्राउंड निरीक्षण के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में नई उम्मीद जगी है। लंबे समय से फाइलों और प्रक्रियाओं में उलझी इस परियोजना के अब तेजी से आगे बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में शुरू होकर गति पकड़ता है तो यह परियोजना बिहार के सबसे महत्वपूर्ण रेल बुनियादी ढांचा विकास कार्यों में शामिल होगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाएगी।