देशभर में भारी बारिश का कहर: उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से केदारनाथ रूट बंद, जम्मू-कश्मीर में कारगिल-लेह हाईवे ब्लॉक; यूपी में 100 परिवारों ने घर छोड़े

देशभर में भारी बारिश का कहर: उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से केदारनाथ रूट बंद, जम्मू-कश्मीर में कारगिल-लेह हाईवे ब्लॉक; यूपी में 100 परिवारों ने घर छोड़े

 देश के कई हिस्सों में मानसून का असर तेज हो गया है। पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी में लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आई हैं। गौरीकुंड के पास मलबा आने के बाद केदारनाथ ट्रैकिंग रूट को बंद कर श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी गई।

वहीं जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण राजौरी में सरकारी स्कूल की दीवार गिर गई। लद्दाख क्षेत्र में अक्चमल के पास लैंडस्लाइड के बाद कारगिल-लेह नेशनल हाईवे पर यातायात रोकना पड़ा।

मैदानी इलाकों में भी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने परेशानी बढ़ाई है। उत्तर प्रदेश के बलिया में सरयू नदी के कटाव से दो मकान नदी में समा गए, जबकि करीब 100 परिवारों के सुरक्षित स्थानों पर जाने की बात सामने आई है। राजस्थान के चूरू में तेज बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भर गया।

भारतीय मौसम विभाग ने भी 30 जुलाई को देश के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। हिमाचल प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी और हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली क्षेत्र में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

उत्तराखंड में लैंडस्लाइड, केदारनाथ यात्रा प्रभावित

उत्तराखंड में लगातार बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है। गुरुवार सुबह रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिले में अलग-अलग स्थानों पर मलबा और बोल्डर गिरने की घटनाएं सामने आईं।

रुद्रप्रयाग के गौरीकुंड गेट के पास लैंडस्लाइड के बाद केदारनाथ का ट्रैकिंग रूट बंद कर दिया गया। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए श्रद्धालुओं को आगे जाने से रोक दिया।

रुद्रप्रयाग के सिल्ली क्षेत्र में भी सड़क पर मलबा आने से हाईवे कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। वहीं पेट्रोल पंप के पास पहाड़ी से बोल्डर गिरने के कारण एक कार दब गई।

उत्तरकाशी के स्याना चट्टी क्षेत्र में भी पहाड़ी से भारी बोल्डर सड़क पर आ गिरा। कुपड़ा गांव के पास सड़क पर बड़ा पत्थर आने से आवाजाही के लिए खतरा पैदा हुआ। राहत की बात यह रही कि पत्थर गिरने के समय वहां कोई राहगीर मौजूद नहीं था।

बारिश के चलते स्कूल बंद

उत्तराखंड में खराब मौसम को देखते हुए बागेश्वर और रुद्रप्रयाग में स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई। उत्तरकाशी में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के जानकीचट्टी मार्ग पर भी लैंडस्लाइड के बाद सड़क से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया।

पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन और बोल्डर गिरने की घटनाएं यातायात के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं। IMD की चेतावनियों में भी भारी बारिश के दौरान संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी की जरूरत बताई जाती है।

हरिद्वार में गंगा के तेज बहाव में युवक बहा

हरिद्वार में गंगा के तेज बहाव के बीच गंगाजल भरते समय एक युवक बहने लगा। घाट पर तैनात SDRF टीम ने समय रहते उसे बचा लिया।

बारिश के दौरान नदी और घाटों पर जलस्तर तथा बहाव बढ़ने से हादसों का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन और बचाव दल लोगों से नदी के तेज बहाव से दूरी बनाए रखने की अपील करते हैं।

देहरादून की जाखन नदी में भी एक 12 वर्षीय बच्ची के बहने की घटना सामने आई। स्थानीय लोगों और एक फौजी समेत तीन युवकों ने बच्ची को नदी से बाहर निकाला।

जम्मू-कश्मीर में स्कूल की दीवार गिरी, हाईवे बंद

जम्मू-कश्मीर के राजौरी में भारी बारिश के बीच एक सरकारी प्राथमिक स्कूल की इमारत की दीवार गिर गई। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।

दूसरी ओर, लद्दाख क्षेत्र में अक्चमल के पास लैंडस्लाइड के कारण कारगिल-लेह नेशनल हाईवे ब्लॉक हो गया। सड़क पर मलबा आने के बाद वाहनों की आवाजाही रोक दी गई।

पहाड़ी सड़कों पर बारिश के दौरान अचानक मलबा और पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है। ऐसे में सड़क साफ होने और सुरक्षा की पुष्टि के बाद ही यातायात बहाल किया जाता है।

यूपी में सरयू का कटाव तेज, 100 से ज्यादा परिवारों ने घर छोड़े

उत्तर प्रदेश के बलिया में सरयू नदी के किनारे कटाव तेज हो गया है। नदी का पानी गांवों के निचले इलाकों में पहुंचने के बाद ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, 100 से ज्यादा परिवार सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। कटाव के कारण दो मकान नदी में समा गए, जबकि कई अन्य मकानों के नीचे की जमीन भी बह चुकी है।

गोंडा में भी घाघरा नदी का जलस्तर घटने के बाद नदी का कटाव तेज होने की बात सामने आई है। कई बीघा जमीन और पेड़ नदी में समा चुके हैं। कटाव बढ़ने से नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।

राजस्थान में बारिश से शहरों में जलभराव

राजस्थान में भी बारिश का दौर जारी है। गुरुवार सुबह चूरू में तेज बारिश के बाद बाजारों और सड़कों पर पानी भर गया। कुछ स्थानों पर करीब 3 फीट तक जलभराव की स्थिति बताई गई।

प्रतापगढ़ में भी बारिश के बाद सड़कों पर पानी जमा हो गया। जयपुर, प्रतापगढ़, दौसा और अलवर में पिछले 24 घंटे के दौरान बारिश दर्ज की गई।

IMD ने राजस्थान के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

चंडीगढ़ और हैदराबाद में भी तेज बारिश

चंडीगढ़ में गुरुवार सुबह भारी बारिश के बाद कई सड़कों पर पानी भर गया। इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।

हैदराबाद में बुधवार रात कई इलाकों में तेज बारिश हुई। लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी।

देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की तीव्रता अलग-अलग है, लेकिन कई क्षेत्रों में मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है।

हिमाचल में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

हिमाचल प्रदेश में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। IMD ने गुरुवार को राज्य के कुछ जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। चंबा, मंडी और कांगड़ा जैसे जिलों में विशेष सतर्कता की जरूरत बताई गई है।

पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के दौरान लैंडस्लाइड, सड़क बाधित होने और अचानक जलभराव का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए संवेदनशील क्षेत्रों में यात्रा को लेकर स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करना जरूरी है।

मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। प्रदेश में कई मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बारिश का दौर जारी है। इंदौर और उज्जैन समेत कई जिलों में अगले कुछ दिनों के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। किसानों और आम लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

अगले दो दिनों में भी कई राज्यों में भारी बारिश

IMD के अनुसार 31 जुलाई को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात रीजन, पूर्वी राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। विदर्भ के लिए अधिक गंभीर चेतावनी जारी की गई है।

वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और कोंकण-गोवा में भी बारिश की संभावना बनी हुई है।

1 अगस्त को गुजरात रीजन में बहुत भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण-गोवा और कर्नाटक में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बारिश के बीच इन बातों का रखें ध्यान

भारी बारिश और लैंडस्लाइड वाले इलाकों में प्रशासन की चेतावनी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में मलबा आने के दौरान सड़क पर रुकना या उसके पास खड़ा होना जोखिम भरा हो सकता है।

नदियों, नालों और तेज बहाव वाले जलस्रोतों के पास जाने से बचना चाहिए। बारिश के दौरान जलभराव वाली सड़कों पर वाहन चलाते समय भी सावधानी जरूरी है।

कुल मिलाकर, देश में मानसून का सक्रिय दौर जारी है। उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में लैंडस्लाइड ने पहाड़ी यात्रा को प्रभावित किया है, जबकि उत्तर प्रदेश और राजस्थान में नदी कटाव और जलभराव से लोगों की परेशानी बढ़ी है। आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान है, ऐसे में स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखना जरूरी होगा।