हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा इंडिया के हेड अरुण श्रीनिवास के खिलाफ पीएम मोदी के एआई जनरेटेड मॉर्फ्ड वीडियो के प्रसार पर दर्ज की FIR

हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा इंडिया के हेड अरुण श्रीनिवास के खिलाफ पीएम मोदी के एआई जनरेटेड मॉर्फ्ड वीडियो के प्रसार पर दर्ज की FIR
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते दुरुपयोग और एआई से बने फर्जी कंटेंट के मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और कंट्री हेड अरुण श्रीनिवास को सह-आरोपी बनाते हुए दो FIR दर्ज की हैं। इनमें फेसबुक और इंस्टाग्राम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एआई जनरेटेड तथा डिजिटली मॉर्फ्ड वीडियो और इमेजेस के प्रसार का मामला दर्ज किया गया है।पुलिस ने कई सोशल मीडिया अकाउंट्स के ऑपरेटर्स के साथ-साथ मेटा इंडिया के टॉप एग्जीक्यूटिव पर भी कार्रवाई की है।
 शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ये कंटेंट प्रधानमंत्री को अश्लील, अपमानजनक और भ्रामक तरीके से दिखाते हुए वायरल किए गए, जो जनता को गुमराह कर सकते थे।शिकायतों का विवरणतेलंगाना भाजपा के सोशल मीडिया कोर कमिटी के सदस्य टी. साईकिरण गौड़ (32 वर्ष) ने लगभग 20 फेसबुक और इंस्टाग्राम लिंक्स पुलिस को सौंपे। उन्होंने 29 जुलाई को सोशल मीडिया ब्राउज करते समय इन रील्स और पोस्ट्स को देखा। गौड़ ने आरोप लगाया कि यह कंटेंट देश की संप्रभुता, अखंडता और सार्वजनिक व्यवस्था के विरुद्ध है।दूसरी शिकायत हैदराबाद के नामपल्ली निवासी व्यवसायी एस. अरविंद रेड्डी (29 वर्ष) की है। उन्होंने भी इंस्टाग्राम पर प्रधानमंत्री मोदी, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मॉर्फ्ड इमेजेस और वीडियो देखे, जो अपमानजनक और भ्रामक थे।कानूनी धाराएं: FIR में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C) (पहचान चोरी) और 67 (अश्लील सामग्री का प्रसार), तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) (जनता में भ्रम फैलाने वाले बयान) और 336(4) (प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला जाली इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड) लगाई गई हैं।पृष्ठभूमि: छात्र आंदोलन और वायरल कंटेंटयह कंटेंट दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व वाले छात्र आंदोलन (NEET पेपर लीक सहित परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ) के दौरान तेजी से वायरल हुआ। पुलिस का मानना है कि कुछ वीडियो इसी दौरान तैयार या प्रसारित किए गए, जिन्होंने युवाओं सहित आम जनता को प्रभावित किया।पुलिस ने बताया कि शिकायत में दिए गए अधिकांश लिंक्स गुरुवार शाम तक निष्क्रिय हो चुके थे, लेकिन अकाउंट ऑपरेटर्स की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।मेटा की जिम्मेदारी पर सवालअरुण श्रीनिवास (जो जुलाई 2025 से मेटा इंडिया के हेड हैं) को नामजद करना प्लेटफॉर्म की जवाबदेही पर जोर देता है। श्रीनिवास ने IIM कलकत्ता से मार्केटिंग में PGDM और मद्रास विश्वविद्यालय से फिजिक्स में डिग्री प्राप्त की है।
यह FIR उन दिनों दर्ज हुई है जब हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा अधिकारियों को एआई जनरेटेड स्कैम, फेक विज्ञापनों और मैनिपुलेटेड कंटेंट को हटाने की प्रक्रिया पर बुलाया था। मेटा के एक प्रतिनिधि ने जांचकर्ताओं को कंपनी की कंटेंट मॉडरेशन नीतियों की जानकारी दी।इससे पहले मेटा ने प्रधानमंत्री मोदी के एक फेसबुक पोस्ट (CJP विरोध के दौरान जनरेशन Z को संबोधित सेल्फी वीडियो) को तकनीकी गड़बड़ी बताते हुए अस्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया था, जिस पर केंद्र सरकार ने स्पष्टीकरण मांगा था।जांच की दिशा और आगे की कार्रवाईसाइबर क्राइम अधिकारी ने बताया कि मेटा को नोटिस जारी किया गया है। जांच के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
  • एआई वीडियो की उत्पत्ति।
  • सोशल मीडिया पर इसका वायरल होना।
  • मेटा की सुरक्षा व्यवस्था की पर्याप्तता।
  • कंटेंट बनाने, अपलोड करने और शेयर करने वालों की भूमिका।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि जांच प्रारंभिक चरण में है।व्यापक संदर्भ: एआई और सोशल मीडिया की चुनौतियांयह मामला भारत में डीपफेक और एआई मैनिपुलेटेड कंटेंट को लेकर बढ़ती चिंताओं को रेखांकित करता है। सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से तेजी से एक्शन, बेहतर मॉडरेशन और पारदर्शिता की मांग कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामले भविष्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर नए नियमों को आकार दे सकते हैं।मेटा की ओर से इस FIR पर अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।नोट: यह रिपोर्ट इंडिया टुडे, टाइम्स ऑफ इंडिया, द वीक और अन्य विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है (31 जुलाई 2026 तक)। जांच के आगे बढ़ने पर अपडेट दिए जाएंगे।यह विस्तृत, तथ्यात्मक और संतुलित समाचार लेख है जो घटना की पूरी पृष्ठभूमि, कानूनी पहलुओं और संदर्भ को कवर करता है।