बंगाल में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध आतंकी की गिरफ्तारी, शुभेंदु अधिकारी की सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज मिलने का दावा; STF कर रही नेटवर्क की जांच
पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध रखने वाले एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी के पास से पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी की गतिविधियों, वीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कुछ दस्तावेज बरामद हुए हैं।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या आरोपी किसी बड़े आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था और इन दस्तावेजों का इस्तेमाल किसी संभावित साजिश के लिए किया जाना था या नहीं।
बर्धमान के हाउसिंग कॉम्प्लेक्स से हुई गिरफ्तारी
जांच एजेंसियों के अनुसार, STF ने गुरुवार देर रात और शुक्रवार सुबह के बीच बर्धमान शहर के एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में छापेमारी कर संदिग्ध मोहम्मद हामिद को गिरफ्तार किया।
बताया जा रहा है कि आरोपी रेनेसां हाउसिंग परिसर में किराये के फ्लैट में रह रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह पहले हावड़ा के पीलखाना इलाके में एक कपड़ा कारखाने में काम करता था और करीब दो महीने पहले बर्धमान आकर रहने लगा था।
पुलिस को शक है कि वह अपनी गतिविधियों को छिपाने के लिए लगातार ठिकाना बदल रहा था।
शुभेंदु अधिकारी की गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज मिलने का दावा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तलाशी के दौरान आरोपी के पास से कुछ ऐसे दस्तावेज मिले हैं जिनमें शुभेंदु अधिकारी की सार्वजनिक गतिविधियों, कार्यक्रमों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारियां होने का दावा किया जा रहा है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये दस्तावेज आरोपी तक कैसे पहुंचे और क्या इनका इस्तेमाल किसी आपराधिक या आतंकी योजना के लिए किया जाना था।
हालांकि, अभी तक सुरक्षा एजेंसियों की ओर से मुख्यमंत्री या किसी अन्य बड़े राजनीतिक नेता पर हमले की साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मामले की जांच जारी है।
जैश-ए-मोहम्मद और सज्जाद भट मॉड्यूल से कनेक्शन की जांच
खुफिया एजेंसियों को संदेह है कि आरोपी का संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक मॉड्यूल से हो सकता है।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या उसके संबंध सज्जाद भट समूह से थे। सज्जाद भट का नाम 2019 के पुलवामा आतंकी हमले की जांच के दौरान सामने आया था।
एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस, संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही हैं ताकि उसके नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने मांगी रिमांड, पूछताछ जारी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने आगे की पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की।
जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि:
आरोपी के संपर्क में कौन-कौन लोग थे?
क्या वह किसी आतंकी नेटवर्क के लिए काम कर रहा था?
उसे सुरक्षा संबंधी दस्तावेज कहां से मिले?
क्या बंगाल या देश के किसी अन्य हिस्से में उसका कोई सहयोगी मौजूद है?
अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के बाद मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया- ज्यादा मेलजोल नहीं रखता था आरोपी
स्थानीय लोगों के अनुसार, हामिद अपने परिवार के साथ रहता था, लेकिन वह आसपास के लोगों से ज्यादा बातचीत नहीं करता था।
पड़ोसियों ने बताया कि उसकी गतिविधियां सामान्य नजर आती थीं और उसके बारे में किसी को विशेष जानकारी नहीं थी।
गिरफ्तारी के बाद इलाके में सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियां बढ़ गई हैं।
बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
घटना के बाद पश्चिम बंगाल में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। STF और राज्य पुलिस आरोपी के संभावित संपर्कों और नेटवर्क की जांच कर रही हैं।
खुफिया एजेंसियां भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या आरोपी अकेले काम कर रहा था या किसी संगठित नेटवर्क का हिस्सा था।
राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू
मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी शुरू हो गई हैं।
बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल लंबे समय से कट्टरपंथी संगठनों के लिए सुरक्षित ठिकाना रहा है और अब सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई से ऐसे नेटवर्क सामने आ रहे हैं।
वहीं, जांच एजेंसियां फिलहाल केवल तथ्यों और सबूतों के आधार पर आगे बढ़ रही हैं। किसी भी संगठन या व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल मोहम्मद हामिद की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां उसके संपर्कों, डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच कर रही हैं।
शुभेंदु अधिकारी से जुड़े दस्तावेज मिलने का दावा इस मामले को संवेदनशील बना रहा है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विस्तृत जांच जरूरी है।
STF और पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
news desk MPcg