इंदौर में नौकरी के नाम पर ठगी का मामला: आरोपी से बरामद 313 ओरिजनल मार्कशीट लौटाने की तैयारी, पुलिस ने शुरू किया छात्रों का सत्यापन

इंदौर में नौकरी के नाम पर ठगी का मामला: आरोपी से बरामद 313 ओरिजनल मार्कशीट लौटाने की तैयारी, पुलिस ने शुरू किया छात्रों का सत्यापन

 नौकरी दिलाने के नाम पर छात्रों से ठगी करने के मामले में इंदौर पुलिस ने अब प्रभावित युवाओं को राहत पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विजय नगर थाना पुलिस ने आरोपी के पास से बरामद की गई 313 ओरिजनल मार्कशीट और शैक्षणिक दस्तावेजों को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने के लिए एक विशेष व्यवस्था बनाई है। पुलिस ने इसके लिए एक व्हाट्सऐप ग्रुप तैयार किया है, जिसके माध्यम से उन छात्रों से संपर्क किया जा रहा है, जिनके दस्तावेज आरोपी के पास से बरामद हुए थे।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दस्तावेजों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद न्यायालय की अनुमति लेकर सभी मार्कशीट संबंधित छात्रों को वापस सौंपी जाएंगी। पुलिस का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि दस्तावेज सही व्यक्ति को ही मिलें और किसी तरह की गलती की संभावना न रहे।

नौकरी दिलाने के बहाने छात्रों से लिए थे मूल दस्तावेज

मामला इंदौर के विजय नगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने कुछ दिन पहले मयंक सर्राफ नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने विजय नगर क्षेत्र में AZFA इंटरप्राइजेज के नाम से एक कंसल्टेंसी ऑफिस संचालित कर रखा था।

आरोप है कि आरोपी नौकरी की तलाश कर रहे छात्रों को पार्ट टाइम और फुल टाइम जॉब दिलाने का भरोसा देता था। इसके बाद नौकरी आवेदन और चयन प्रक्रिया के नाम पर वह छात्रों से उनकी ओरिजनल मार्कशीट, प्रमाण पत्र और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज अपने पास जमा करवा लेता था।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी दस्तावेज वापस करने के बदले छात्रों से पैसे मांगता था। कई मामलों में छात्रों से करीब 5 हजार रुपए तक की राशि मांगे जाने की बात सामने आई है। पैसे नहीं देने पर आरोपी कथित तौर पर दस्तावेज वापस नहीं करता था।

पुलिस कार्रवाई में मिलीं 313 छात्रों की मार्कशीट

शिकायतों के आधार पर विजय नगर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी के ठिकाने से बड़ी संख्या में छात्रों के मूल दस्तावेज बरामद किए गए।

पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से कुल 313 ओरिजनल मार्कशीट मिली हैं। इनमें अलग-अलग छात्रों की शैक्षणिक योग्यता से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।

इतनी बड़ी संख्या में मार्कशीट मिलने के बाद पुलिस के सामने चुनौती थी कि इन दस्तावेजों के वास्तविक मालिकों की पहचान की जाए। इसी को देखते हुए पुलिस ने अब छात्रों से संपर्क करने और दस्तावेजों का मिलान करने की प्रक्रिया शुरू की है।

व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए जुटाई जा रही छात्रों की जानकारी

विजय नगर पुलिस ने प्रभावित छात्रों के लिए एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया है। इस ग्रुप में धीरे-धीरे उन छात्रों को जोड़ा जा रहा है, जिनकी मार्कशीट पुलिस ने बरामद की हैं।

पुलिस ने छात्रों से अपनी पहचान और दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी साझा करने को कहा है। छात्रों से मुख्य रूप से:

मार्कशीट की फोटो कॉपी
नाम और मोबाइल नंबर
कॉलेज या विश्वविद्यालय की जानकारी
पहचान संबंधी दस्तावेज

मांगे जा रहे हैं।

पुलिस टीम इन जानकारियों का बरामद दस्तावेजों से मिलान कर रही है। सत्यापन के बाद ही दस्तावेज लौटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

कोर्ट की अनुमति के बाद छात्रों को मिलेंगे दस्तावेज

एसीपी पराग सैनी के अनुसार, बरामद सभी मार्कशीट और दस्तावेज वर्तमान में न्यायालय की प्रक्रिया के तहत हैं। पुलिस द्वारा सत्यापन पूरा करने के बाद न्यायालय से अनुमति ली जाएगी।

कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद संबंधित छात्रों को उनकी मूल मार्कशीट और अन्य दस्तावेज वापस सौंप दिए जाएंगे।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दस्तावेज लौटाने की प्रक्रिया कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जा रही है, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न हो।

छात्रों की पढ़ाई और करियर पर पड़ सकता था असर

पुलिस का कहना है कि छात्रों के लिए ओरिजनल मार्कशीट बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज होती है। उच्च शिक्षा में प्रवेश, नौकरी, प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी प्रक्रियाओं में इनकी जरूरत पड़ती है।

ऐसे में दस्तावेज लंबे समय तक किसी अन्य व्यक्ति के पास रहने से छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता था। पुलिस की इस पहल से अब छात्रों को अपने जरूरी दस्तावेज वापस मिलने की उम्मीद है।

आरोपी से पूछताछ जारी, अन्य मामलों की भी जांच

विजय नगर थाना पुलिस आरोपी मयंक सर्राफ से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी ने कितने छात्रों से संपर्क किया था और क्या इस ठगी में अन्य लोग भी शामिल हैं।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने इसी तरह अन्य छात्रों से भी दस्तावेज लेकर पैसे की मांग की थी या फिर यह मामला केवल कुछ शिकायतों तक सीमित है।

पुलिस की अपील: प्रभावित छात्र सामने आएं

पुलिस ने ऐसे छात्रों से संपर्क करने की अपील की है, जिन्होंने नौकरी या कंसल्टेंसी के नाम पर आरोपी को अपने मूल दस्तावेज दिए थे। पुलिस का कहना है कि जो भी छात्र इस मामले से प्रभावित हैं, वे सत्यापन प्रक्रिया में शामिल होकर अपने दस्तावेज वापस प्राप्त कर सकते हैं।

फिलहाल विजय नगर पुलिस की टीम एक ओर मामले की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर बरामद 313 मार्कशीट को सुरक्षित तरीके से उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में जुटी हुई है।