नूरपुर में मूसलाधार बारिश बनी काल: जब्बर खड्ड में बहा साढ़े चार साल का मासूम, घंटों की तलाश के बाद NDRF ने बरामद किया शव
जसूर/नूरपुर: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के नूरपुर उपमंडल में सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गई। पंचायत भलून के गांव क्यारी में अचानक बढ़े जब्बर खड्ड के जलस्तर में बहने से साढ़े चार वर्षीय मासूम आविद खान की मौत हो गई। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने संयुक्त सर्च अभियान चलाकर कई घंटों की मशक्कत के बाद बच्चे का शव बरामद किया।
जानकारी के अनुसार, मृतक आविद खान पुत्र बिल्ला दीन अपने परिवार के साथ जब्बर खड्ड के किनारे बने अस्थायी डेरे में रहता था। परिवार पशुपालन का कार्य करता है और लंबे समय से उसी क्षेत्र में रह रहा है। सोमवार दोपहर इलाके में अचानक तेज बारिश शुरू हुई, जिसके चलते जब्बर खड्ड में पानी का बहाव तेजी से बढ़ गया।
बताया जा रहा है कि बारिश के दौरान मासूम आविद खड्ड के किनारे खेल रहा था। इसी बीच जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण वह पानी में बह गया। घटना इतनी अचानक हुई कि परिवार के सदस्य उसे बचाने का प्रयास भी नहीं कर सके। बच्चे के बहने की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण उसकी तलाश में जुट गए, लेकिन काफी देर तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया।
घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। हालात की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम को भी बुलाया गया। टीम ने खड्ड के आसपास व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया और काफी प्रयासों के बाद मासूम का शव घटनास्थल से कुछ दूरी पर बरामद किया। शव मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी बारिश के दौरान पहाड़ी खड्डों और नालों का जलस्तर कुछ ही मिनटों में खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय मजबूत करने और समय रहते चेतावनी व्यवस्था विकसित करने की मांग की है।
पंचायत भलून के उपप्रधान खुशहाल सिंह ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार सीमित संसाधनों पर निर्भर है और इस दुखद हादसे ने उसे गहरे संकट में डाल दिया है।
एसडीएम नूरपुर अरुण शर्मा ने बताया कि घटना की रिपोर्ट तैयार की जा रही है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि मानसून और भारी बारिश के दौरान नदी, नालों और खड्डों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं तथा बच्चों पर विशेष निगरानी रखें, क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों में जलस्तर अचानक बढ़ने की घटनाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं।
लगातार हो रही बारिश के बीच यह हादसा एक बार फिर चेतावनी देता है कि प्राकृतिक जलधाराओं के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। प्रशासन ने भी मौसम खराब रहने तक लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की अपील की है।
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