फरीदाबाद उपभोक्ता आयोग का ऐतिहासिक फैसला बिल्डर को 30 दिन में फ्लैट देने का आदेश, खरीदार को मिलेगा मुआवजा भी
हरियाणा के फरीदाबाद में उपभोक्ता आयोग ने एक अहम और सख्त फैसला सुनाते हुए बिल्डर को खरीदार के पक्ष में बड़ा निर्देश दिया है। आयोग ने आदेश दिया है कि बिल्डर 30 दिन के भीतर फ्लैट आवंटित करे, साथ ही मानसिक प्रताड़ना के लिए मुआवजा भी दे। यह मामला सेक्टर-45 स्थित एक अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जहां फ्लैट आवंटन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
खरीदार के पक्ष में आया फैसला
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने स्पष्ट किया कि बिल्डर को शिकायतकर्ता से नियमानुसार बकाया राशि लेने के बाद 30 दिनों के भीतर फ्लैट का आवंटन करना होगा। आयोग ने माना कि खरीदार के साथ अनुचित व्यवहार किया गया और उसे मानसिक रूप से परेशान होना पड़ा।
मुआवजा और अन्य भुगतान का आदेश
आयोग ने बिल्डर को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को मानसिक प्रताड़ना के लिए 11,000 रुपये और वाद व्यय के रूप में 5,500 रुपये का भुगतान भी करे। यह फैसला उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
2020 में हुई थी फ्लैट की बुकिंग
मामले के अनुसार, सेक्टर-16 निवासी श्वेता अग्रवाल ने वर्ष 2020 में सेक्टर-45 स्थित “श्री होम्स बाय सर्वोम” परियोजना में 2BHK फ्लैट बुक कराया था। बुकिंग के समय उन्होंने करीब 1.33 लाख रुपये जमा किए थे। इसके बाद आवंटन पत्र जारी होने पर कंपनी के निर्देशानुसार उन्होंने अतिरिक्त भुगतान भी किया।
कुल फ्लैट की कीमत लगभग 26.33 लाख रुपये तय की गई थी, लेकिन लंबे समय तक आवंटन न मिलने के कारण मामला उपभोक्ता आयोग तक पहुंचा।
उपभोक्ता अधिकारों पर महत्वपूर्ण संदेश
आयोग के इस फैसले को उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत संदेश माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे फैसलों से रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी और खरीदारों का भरोसा मजबूत होगा।
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि बिल्डर आयोग के आदेश का पालन कितनी जल्दी करता है।
news desk MPcg