'बुलेट ट्रेन की तरह दौड़ रहे स्मार्ट मीटर, 8 से 10 गुना बढ़े बिजली बिल, मंदसौर में सड़कों पर उतरे सैकड़ों लोग
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्मार्ट बिजली मीटरों को लेकर लोगों का गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर दिखाई देने लगा है। शहर के विभिन्न इलाकों में लगाए गए स्मार्ट मीटरों के बाद उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में कई गुना अधिक बिजली बिल मिलने का दावा किया जा रहा है। बढ़े हुए बिलों से नाराज सैकड़ों महिला-पुरुष बुधवार को सड़कों पर उतर आए और गांधी चौराहे से सरदार पटेल चौराहे तक विरोध रैली निकालकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि घर वही हैं, बिजली के उपकरण वही हैं और खपत भी पहले जैसी है, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल 8 से 10 गुना तक बढ़ गए हैं। कई लोगों का आरोप है कि जहां पहले 500 से 1000 रुपये तक का बिल आता था, वहीं अब हजारों रुपये के बिल भेजे जा रहे हैं, जिससे आम परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
'बुलेट ट्रेन से तेज दौड़ रहा है स्मार्ट मीटर'
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मीटर इतनी तेजी से यूनिट दर्ज कर रहे हैं मानो "बुलेट ट्रेन की रफ्तार" से चल रहे हों। उपभोक्ताओं का आरोप है कि मीटर की रीडिंग और पल्स रेट को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है, जिससे लोगों में भ्रम और असंतोष बढ़ रहा है।
लोगों का कहना है कि बिजली की वास्तविक खपत में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ, फिर भी बिलों में भारी बढ़ोतरी समझ से परे है।
सड़कों पर उतरा जनआक्रोश, कुछ देर लगा जाम
जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग गांधी चौराहे पर एकत्र हुए और पैदल मार्च करते हुए सरदार पटेल चौराहे पहुंचे। वहां प्रदर्शनकारियों ने कुछ समय के लिए सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शन समाप्त कराने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में बिजली कंपनी के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर 30 जून तक समस्याओं का समाधान नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई।
स्मार्टफोन नहीं तो बिल की पूरी जानकारी भी नहीं
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जिन उपभोक्ताओं के पास स्मार्टफोन नहीं हैं, वे बिजली बिल की पूरी जानकारी नहीं देख पा रहे हैं। उन्हें केवल एसएमएस के माध्यम से भुगतान की राशि भेजी जाती है और समय पर भुगतान नहीं होने पर कनेक्शन काटे जाने का डर बना रहता है।
इस व्यवस्था से बुजुर्गों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
news desk MPcg