वाराणसी में राहुल गांधी के जन्मदिन पर कांग्रेस का अनोखा आयोजन, गंगा में जलाभिषेक और परशुराम रूप बना चर्चा का विषय
काशी में शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का जन्मदिन बेहद अनोखे और विवादित अंदाज में मनाया। कार्यकर्ताओं ने उन्हें भगवान परशुराम के रूप में प्रस्तुत करते हुए गंगा नदी में जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया, जिससे यह आयोजन राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का केंद्र बन गया।
कार्यक्रम के दौरान कुछ कांग्रेस समर्थकों ने राहुल गांधी की तस्वीर को भगवान परशुराम के स्वरूप में सजाया। उनके हाथ में फरसा और संविधान की प्रति दिखाई गई, जिसके साथ गंगा तट पर विधिवत पूजा-अर्चना, पुष्पार्पण और दुग्धाभिषेक किया गया। इसके अलावा मोतीचूर के लड्डू से केक काटकर भी जन्मदिन मनाया गया।
गंगा तट पर दिखा सियासी और धार्मिक रंग
इस आयोजन में काशी के कई घाटों पर कार्यकर्ता जुटे रहे और अलग-अलग धार्मिक अनुष्ठान किए गए। कुछ कार्यकर्ताओं ने मंदिरों में विशेष पूजा भी कराई। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि यह आयोजन राहुल गांधी के प्रति समर्थन और उनके विचारों के सम्मान का प्रतीक है।
स्थानीय नेताओं ने दावा किया कि राहुल गांधी ने हमेशा समाज के कमजोर वर्गों की आवाज उठाई है, इसलिए कार्यकर्ताओं ने उन्हें “धार्मिक प्रतीकात्मक रूप” में प्रस्तुत कर सम्मान व्यक्त किया।
विरोध और राजनीतिक बहस भी तेज
हालांकि, इस आयोजन को लेकर विरोधी दलों और स्थानीय लोगों के एक वर्ग में नाराजगी भी देखी गई। कई लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं के राजनीतिक उपयोग से जोड़कर सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है।
कुछ राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे कांग्रेस की “प्रदर्शनकारी राजनीति” बताया, जबकि कुछ ने इसे कार्यकर्ताओं की भावनात्मक अभिव्यक्ति करार दिया।
प्रधानमंत्री की शुभकामना भी चर्चा में
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राहुल गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने की बात भी राजनीतिक चर्चा में बनी रही। काशी में एक ही दिन दो अलग-अलग राजनीतिक भावनाएं देखने को मिलीं—एक ओर शुभकामनाएं, दूसरी ओर प्रतीकात्मक धार्मिक अनुष्ठान।
काशी में फिर दिखा सियासत का रंग
काशी में यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर दिखाता है कि राजनीतिक उत्सव यहां अक्सर धार्मिक प्रतीकों और जनभावनाओं से जुड़कर एक अलग ही रूप ले लेते हैं। राहुल गांधी के जन्मदिन का यह आयोजन अब सोशल मीडिया पर लगातार वायरल हो रहा है और बहस का विषय बना हुआ है।
news desk MPcg