मुंबई–पुणे में मूसलाधार बारिश का कहर, सैकड़ों पेड़ गिरे, पुल और हाईवे क्षतिग्रस्त, भूस्खलन से जनजीवन ठप
महाराष्ट्र में पिछले तीन से चार दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने मुंबई, पुणे, रायगढ़, ठाणे, पालघर और नासिक सहित कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में गंभीर जलभराव, ट्रैफिक जाम और आवागमन बाधित होने की स्थिति बनी हुई है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में रेड अलर्ट जारी किया है और तेज हवाओं के साथ अत्यधिक वर्षा की चेतावनी दी है। अधिकारियों के अनुसार कुछ इलाकों में 80–90 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं भी दर्ज की गई हैं, जिससे नुकसान और बढ़ गया है।
मुंबई में 350 से अधिक पेड़ गिरे, बिजली और ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित
तेज हवाओं और लगातार बारिश के कारण मुंबई शहर में अब तक 350 से अधिक पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। कई पेड़ सड़कों, वाहनों और बिजली लाइनों पर गिरने से यातायात बाधित हुआ और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही।
नगर निगम के अनुसार, आपदा प्रबंधन दल लगातार पेड़ों को हटाने, सड़कों को साफ करने और यातायात बहाल करने के काम में जुटे हुए हैं। कई जगहों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है और एंबुलेंस सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर लैंडस्लाइड, हाईवे आंशिक रूप से बंद
भारी बारिश के चलते मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर कई स्थानों पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की घटनाएं हुई हैं। अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिरने के कारण हाईवे का एक हिस्सा पूरी तरह बाधित हो गया।
प्रशासन के अनुसार, लगभग 100 टन मलबा एक स्थान पर गिरा, जिससे यातायात रुक गया। राहत कार्यों के बाद लगभग 70 प्रतिशत मलबा हटाया जा चुका है और एक लेन को आंशिक रूप से खोल दिया गया है। पूरी तरह यातायात बहाल करने का प्रयास जारी है।
रेलवे रूट पर असर, 20 से अधिक ट्रेनें रद्द
बारिश और भूस्खलन का असर रेलवे नेटवर्क पर भी पड़ा है। मुंबई–पुणे रेल मार्ग के करजत–लोनावला भोर घाट सेक्शन में दो स्थानों पर भूस्खलन हुआ, जिससे तीनों रेल लाइनें प्रभावित हुईं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्थिति को देखते हुए करीब 20 ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कई ट्रेनों को डायवर्ट या विलंबित किया गया है। ट्रैक से मलबा हटाने का काम जारी है।
पुणे में दर्दनाक हादसा: पहाड़ गिरने से तीन लोगों की मौत
पुणे के मावल पाटण गांव में तड़के भारी बारिश के कारण बड़ा हादसा हुआ, जब पहाड़ का हिस्सा चार घरों पर गिर गया। इस हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई।
NDRF और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत बचाव अभियान चलाया। लगभग 30–35 लोग मलबे में फंस गए थे, जिनमें से अधिकतर को सुरक्षित निकाल लिया गया। राहत टीमों ने अब तक दो शव बरामद किए हैं, जबकि एक महिला का शव खोजा जा रहा है।
नासिक में बादल फटने की आशंका, 300 मिमी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने नासिक और आसपास के क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश और बादल फटने जैसी स्थिति की आशंका जताई है। अनुमान के अनुसार कुछ क्षेत्रों में 300 मिमी तक बारिश हो सकती है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्थिति को गंभीर बताते हुए लोगों से अपील की है कि केवल अत्यावश्यक कार्य होने पर ही घर से बाहर निकलें। प्रशासन ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
मुंबई में हवाई सेवाएं प्रभावित, 17 उड़ानें रद्द
खराब मौसम के कारण मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी संचालन प्रभावित हुआ। अब तक 17 उड़ानें रद्द और 200 से अधिक उड़ानों को डायवर्ट किया गया है।
कुछ समय के लिए रनवे संचालन भी बाधित रहा, हालांकि बाद में सीमित स्तर पर उड़ानें फिर से शुरू की गईं।
बाढ़ और जलभराव से कई इलाके प्रभावित
मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई के कई निचले इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति है। कई अंडरपास और सबवे बंद कर दिए गए हैं। BMC ने स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी है और निजी कंपनियों से कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने की अपील की गई है।
पनवेल और नवी मुंबई में तेज बहाव के कारण कुछ हादसे भी सामने आए हैं, जिनमें दो युवकों की मौत की सूचना है।
प्रशासन और राहत एजेंसियां युद्धस्तर पर सक्रिय
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, NDRF, पुलिस और नगर निगम की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं। कई स्थानों पर मलबा हटाने, फंसे लोगों को निकालने और यातायात बहाल करने का काम जारी है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों, झरनों और पहाड़ी क्षेत्रों से दूर रहें और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।
स्थिति गंभीर, अगले 24–48 घंटे अहम
IMD के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटे महाराष्ट्र के लिए बेहद अहम हैं क्योंकि भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इससे पहले से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई गई है।
राज्य सरकार ने सभी जिलों को अलर्ट पर रखा है और आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।
news desk MPcg