सीहोर में भीषण सड़क हादसा: ट्रक और बोलेरो की आमने-सामने टक्कर में 5 की मौत, 4 गंभीर घायल; इलाज कराने जा रहे राजगढ़ के परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

सीहोर में भीषण सड़क हादसा: ट्रक और बोलेरो की आमने-सामने टक्कर में 5 की मौत, 4 गंभीर घायल; इलाज कराने जा रहे राजगढ़ के परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में सोमवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। आष्टा-शुजालपुर मार्ग पर स्थित मेना गोदी गांव के पास ट्रक और बोलेरो की आमने-सामने हुई जोरदार भिड़ंत में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि बोलेरो वाहन पूरी तरह चकनाचूर हो गया और उसमें सवार कई लोग वाहन के भीतर बुरी तरह फंस गए। हादसे के बाद सड़क पर चीख-पुकार मच गई और घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

स्थानीय ग्रामीणों ने सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही डायल-112, पार्वती थाना पुलिस, एंबुलेंस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। कई लोगों को वाहन काटकर बाहर निकालना पड़ा। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को तत्काल आष्टा के सिविल अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान एक और घायल ने दम तोड़ दिया। इसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई।

मेना गोदी गांव के पास हुआ दर्दनाक हादसा

जानकारी के अनुसार दुर्घटना सोमवार दोपहर आष्टा-पचोर-शुजालपुर सड़क मार्ग पर ग्राम मेना गोदी के समीप हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों वाहन तेज रफ्तार में थे। आमने-सामने हुई टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो का अगला हिस्सा पूरी तरह ट्रक में धंस गया। टक्कर की आवाज कई सौ मीटर दूर तक सुनाई दी, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे।

हादसे के बाद सड़क पर मलबा, टूटे हुए वाहन के हिस्से और खून बिखरा हुआ था। कई यात्री बोलेरो के अंदर फंसे हुए थे और मदद के लिए पुकार रहे थे। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू शुरू किया और पुलिस पहुंचने तक घायलों को निकालने का प्रयास करते रहे।

बोलेरो के उड़े परखच्चे, ट्रक सड़क से नीचे उतरा

टक्कर का प्रभाव इतना अधिक था कि बोलेरो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वाहन का इंजन हिस्सा बुरी तरह दब गया, जिससे अंदर बैठे यात्रियों को बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो गया।

वहीं टक्कर के बाद ट्रक का संतुलन भी बिगड़ गया और वह सड़क किनारे गहरी ढलान की ओर उतर गया। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए।

स्थानीय लोगों ने बचाईं कई जिंदगियां

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और बिना किसी उपकरण के घायलों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने वाहन के दरवाजे और खिड़कियां तोड़कर अंदर फंसे यात्रियों तक पहुंच बनाई।

इसके कुछ ही देर बाद डायल-112, एंबुलेंस और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया। कई यात्रियों को गंभीर चोटों के बावजूद समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया।

इलाज कराने जा रहे थे सभी यात्री

आष्टा एसडीओपी दामोदर गुप्ता ने बताया कि बोलेरो में कुल 9 लोग सवार थे और सभी राजगढ़ जिले के निवासी थे। प्रारंभिक जांच के अनुसार वे एक बीमार व्यक्ति का इलाज कराने आष्टा जा रहे थे। रास्ते में मेना गोदी गांव के पास सामने से आ रहे ट्रक से उनकी बोलेरो की सीधी टक्कर हो गई।

पुलिस के अनुसार बोलेरो में सवार लोगों के नाम इस प्रकार हैं—

राजाराम सुंदर (45)
भगवान (50)
इंदर सिंह (55)
राधेश्याम (38)
बने सिंह (22)
गुलाबचंद (30)
हेमराज (25)
देवीराम (60)
अमर सिंह (45)

इनमें से पांच लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि शेष घायलों का इलाज जारी है।

पहले चार, फिर इलाज के दौरान हुई पांचवीं मौत

हादसे के तुरंत बाद चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल अन्य यात्रियों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान एक और घायल ने दम तोड़ दिया। इसके बाद मृतकों की संख्या पांच हो गई।

एडिशनल एसपी सुनीता रावत ने पांच लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अब तक राजगढ़ जिले के भियापुरा निवासी इंदर सिंह पिता नंदराम तथा राजाराम पिता गणपत की पहचान हो चुकी है। अन्य मृतकों की पहचान और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया जारी है।

पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच

पार्वती थाना प्रभारी हरिसिंह परमार ने बताया कि हादसे के बाद प्राथमिकता घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने की थी। अब दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस निम्न बिंदुओं की जांच कर रही है—

क्या किसी वाहन की गति निर्धारित सीमा से अधिक थी।
क्या हादसा ओवरटेकिंग के दौरान हुआ।
क्या किसी वाहन में तकनीकी खराबी थी।
सड़क की स्थिति और दृश्यता का क्या प्रभाव रहा।
दोनों वाहनों के चालकों की भूमिका क्या थी।

दुर्घटनास्थल का वैज्ञानिक निरीक्षण कराया जा रहा है और आवश्यक होने पर वाहन विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी।

हादसे के बाद यातायात प्रभावित

दुर्घटना के कारण आष्टा-शुजालपुर मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने के बाद यातायात को धीरे-धीरे सामान्य कराया। इस दौरान दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं।

सड़क सुरक्षा पर फिर उठे गंभीर सवाल

यह हादसा एक बार फिर मध्य प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों की गंभीरता को सामने लाता है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) और सड़क परिवहन मंत्रालय के आंकड़े लगातार बताते रहे हैं कि तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना, लापरवाही से ओवरटेक करना और यातायात नियमों की अनदेखी सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि दो-लेन राजमार्गों पर आमने-सामने की टक्कर सबसे घातक दुर्घटनाओं में शामिल होती है। ऐसे हादसों को रोकने के लिए गति नियंत्रण, सड़क इंजीनियरिंग में सुधार, नियमित वाहन जांच और चालक जागरूकता बेहद आवश्यक है।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे लंबी दूरी की यात्रा के दौरान निर्धारित गति सीमा का पालन करें, ओवरटेक करते समय पूरी सावधानी बरतें और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें। पुलिस ने कहा है कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।