चलती ट्रेन में पूजा का वीडियो वायरल: रेलवे ने दी सफाई, बताया- ₹3 लाख से ज्यादा देकर बुक कराया गया था प्राइवेट सैलून कोच
सोशल मीडिया पर भारतीय रेलवे से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें चलती ट्रेन के अंदर पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान होते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सवाल उठाए कि क्या ट्रेन के सामान्य कोच में इस तरह के धार्मिक आयोजन की अनुमति है। मामले पर अब रेलवे ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है।
रेलवे के मुताबिक, वायरल वीडियो किसी सामान्य यात्री कोच का नहीं, बल्कि एक प्राइवेट तरीके से बुक किए गए सैलून कोच का है। इस कोच को भारतीय रेलवे की व्यावसायिक बुकिंग व्यवस्था के तहत IRCTC के माध्यम से आरक्षित कराया गया था।
वायरल वीडियो में क्या दिखा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर वायरल हुए वीडियो में एक पुजारी ट्रेन के अंदर फर्श पर बैठकर पूजा की रस्में करते नजर आ रहे हैं। उनके आसपास कई श्रद्धालु मौजूद हैं, जिनमें से अधिकतर सफेद कपड़े पहने हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में ट्रेन चलती हुई नजर आ रही है और कोच के अंदर धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने रेलवे से सवाल किया कि क्या चलती ट्रेन में इस तरह का आयोजन नियमों के तहत किया जा सकता है।
Northern Railway ने दी सफाई
वीडियो को लेकर सवाल उठने के बाद नॉर्दर्न रेलवे ने सोशल मीडिया के जरिए स्थिति स्पष्ट की। रेलवे ने बताया कि यह आयोजन किसी सामान्य यात्री कोच में नहीं हुआ था, बल्कि एक विशेष सैलून कार (Saloon Car) में किया गया था।
रेलवे के अनुसार, इस सैलून कोच की बुकिंग 8 जुलाई 2026 को IRCTC के जरिए की गई थी। इसके लिए संबंधित पार्टी ने ₹3,08,580 रुपये की एडवांस राशि जमा कराई थी।
यह सैलून कार ट्रेन नंबर 12926 पश्चिम एक्सप्रेस (Paschim Express) के साथ जोड़ी गई थी, जो नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) से मुंबई बांद्रा टर्मिनस (BDTS) तक की एकतरफा यात्रा के लिए निर्धारित थी।
क्या होता है रेलवे सैलून कोच?
रेलवे का सैलून कोच सामान्य यात्री डिब्बों से अलग होता है। इसे विशेष बुकिंग के तहत निजी यात्रा के लिए उपलब्ध कराया जाता है।
इसमें आमतौर पर—
एयर कंडीशन कमरे
बेडरूम की सुविधा
बैठक और भोजन कक्ष
रसोईघर (किचन)
अटैच बाथरूम
जैसी सुविधाएं होती हैं।
ऐसे कोच पहले रेलवे अधिकारियों और वीआईपी यात्राओं के लिए इस्तेमाल किए जाते थे, लेकिन अब इन्हें नियमों के तहत निजी और व्यावसायिक उपयोग के लिए भी बुक किया जा सकता है।
रेलवे ने सुरक्षा को लेकर भी दी जानकारी
नॉर्दर्न रेलवे ने कहा कि रेलवे की प्राथमिक जिम्मेदारी यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और ट्रेन संचालन को सुचारु बनाए रखना है। रेलवे ने स्पष्ट किया कि इस घटना के दौरान किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई और ट्रेन संचालन या सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई।
रेलवे ने यह भी बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहे पुजारी उसी निजी समारोह का हिस्सा थे, जो बुक किए गए सैलून कोच के अंदर आयोजित किया गया था।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ यूजर्स ने धार्मिक आयोजन को लेकर सवाल उठाए, जबकि कई लोगों ने रेलवे की सफाई के बाद कहा कि अगर कोच निजी तौर पर नियमों के तहत बुक किया गया था तो आयोजन पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
रेलवे ने इस मामले में स्पष्ट कर दिया है कि यह घटना सामान्य ट्रेन कोच में नहीं हुई थी और पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत की गई थी।
पहले भी वायरल हुआ था ट्रेन का वीडियो
गौरतलब है कि इससे पहले भी भारतीय रेलवे से जुड़े कुछ असामान्य वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। हाल ही में एक फर्स्ट एसी कोच को शादी जैसे सजाने का वीडियो चर्चा में आया था, जिसके बाद रेलवे की निजी कोच बुकिंग व्यवस्था को लेकर बहस शुरू हुई थी।
इस मामले में भी रेलवे ने नियमों और बुकिंग प्रक्रिया की जानकारी देकर स्थिति स्पष्ट की थी।
फिलहाल पूजा वाले वायरल वीडियो को लेकर रेलवे की सफाई के बाद यह साफ हो गया है कि आयोजन निजी रूप से बुक किए गए सैलून कोच में हुआ था, न कि सामान्य यात्री डिब्बे में।
news desk MPcg