भोपाल में BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 की शुरुआत, 10 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि पहुंचे; चार दिन तक दिखेगी दुनिया की सांस्कृतिक विरासत
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल बुधवार से अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र में बदल गई है। यहां BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 की शुरुआत हो गई है। चार दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के प्रतिनिधि, संस्कृति विशेषज्ञ, कलाकार और अधिकारी शामिल हो रहे हैं। सम्मेलन में 10 से ज्यादा देशों की भागीदारी रहेगी, जबकि 100 से अधिक विदेशी मेहमानों के भोपाल पहुंचने की संभावना है।
मुख्य आयोजन स्थल कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) को अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम के लिए तैयार किया गया है। सम्मेलन के दौरान सांस्कृतिक सहयोग, विरासत संरक्षण, संग्रहालयों, रचनात्मक उद्योगों और देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
पहले दिन प्रतिनिधियों का पंजीयन और सांस्कृतिक भ्रमण
सम्मेलन के पहले दिन विदेशी प्रतिनिधियों का पंजीकरण, मान्यता प्रक्रिया, द्विपक्षीय बातचीत और विभिन्न प्रदर्शनियों का दौरा आयोजित किया गया। शाम को प्रतिनिधियों को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय ले जाया जाएगा, जहां भारतीय पारंपरिक कला, शिल्प और जनजातीय संस्कृति से परिचय कराया जाएगा।
प्रतिनिधि ट्राइबल हैबिटेट में बने नागा हाउस और हिमालयी गांव का भ्रमण करेंगे। यहां वे भारत की विविध जीवनशैली, वास्तुकला और पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को करीब से देखेंगे।
विदेशी मेहमानों को परोसे जाएंगे MP के पारंपरिक व्यंजन
सम्मेलन में आने वाले विदेशी मेहमानों के लिए मध्य प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों का विशेष इंतजाम किया गया है। लंच और डिनर में मेहमानों को दाल बाफले, निमोना, रिकमच, गुइया की सब्जी, चंबल का थोपा, चंदिया, बड़ा और मिलेट्स से बने कोदो-कुटकी के व्यंजन परोसे जाएंगे।
इसके अलावा मेहमानों के स्वाद और पसंद को ध्यान में रखते हुए वेस्टर्न और ओरिएंटल व्यंजनों की व्यवस्था भी की गई है।
मिंटो हॉल में लगाई गईं तीन विशेष प्रदर्शनियां
सम्मेलन के दौरान मिंटो हॉल में तीन प्रमुख प्रदर्शनियां लगाई गई हैं। इनमें—
ज्ञान भारतम
प्रोजेक्ट मौसम
प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत
शामिल हैं।
इन प्रदर्शनियों में भारत की प्राचीन पांडुलिपियों, समुद्री सांस्कृतिक संबंधों और ऐतिहासिक सभ्यतागत जुड़ाव को प्रदर्शित किया जा रहा है। आम लोग भी इन प्रदर्शनियों का चारों दिन अवलोकन कर सकेंगे।
6 अगस्त को सांस्कृतिक सहयोग पर होगी चर्चा
सम्मेलन के दूसरे दिन ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की बैठक होगी। इसमें सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, संग्रहालयों के विकास, सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योगों, कलाकारों के आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
बैठक के बाद शाम को रवींद्र भवन में BRICS सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इसमें ब्रिक्स देशों के कलाकार अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियां देंगे।
7 अगस्त को होगा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम
7 अगस्त को BRICS देशों के संस्कृति मंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि भोपाल पहुंचेंगे। इस दिन विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम की शुरुआत "सर्वे भवन्तु सुखिनः" की भावना के साथ होगी। इसमें भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोक परंपराओं और ब्रिक्स देशों की सांस्कृतिक विरासत को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
इस दौरान "BRICS Peace Song - Peace is the Language of the Land" विशेष आकर्षण रहेगा। इसमें ब्राजील, चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका, ईरान, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और यूएई सहित विभिन्न देशों की सांस्कृतिक झलक देखने को मिलेगी।
'अमृतस्य मध्य प्रदेश' में दिखेगी प्रदेश की सांस्कृतिक यात्रा
सम्मेलन के समापन कार्यक्रमों में मध्य प्रदेश की संस्कृति पर आधारित विशेष प्रस्तुति "अमृतस्य मध्य प्रदेश- एक अलौकिक सांस्कृतिक महायात्रा" प्रस्तुत की जाएगी।
इस प्रस्तुति में भीमबेटका, सांची, खजुराहो, उज्जैन, चित्रकूट, ग्वालियर, ओरछा और मांडू की ऐतिहासिक विरासत को दिखाया जाएगा। इसके साथ ही महेश्वरी और चंदेरी वस्त्र कला, जनजातीय नृत्य और मध्य प्रदेश की लोक परंपराओं की झलक भी देखने को मिलेगी।
इस कार्यक्रम में 125 से अधिक कलाकार हिस्सा लेंगे।
8 अगस्त को होगी संस्कृति मंत्रियों की बैठक
8 अगस्त को भारत की अध्यक्षता में तीसरी BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी। इसमें सदस्य और भागीदार देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा होगी।
बैठक के अंत में BRICS Culture Ministers Declaration को अपनाया जाएगा, जिसमें भविष्य के सांस्कृतिक सहयोग का रोडमैप तय किया जाएगा।
इसके बाद विदेशी प्रतिनिधिमंडल यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची स्तूप का दौरा करेगा। यहां वे बौद्ध विरासत, स्थापत्य कला और भारतीय इतिहास से जुड़ी जानकारी हासिल करेंगे। प्रतिनिधियों के लिए योग, ध्यान सत्र और लाइट एंड साउंड शो का भी आयोजन किया जाएगा।
भीमबेटका का भी करेंगे दौरा
9 अगस्त को इच्छुक विदेशी प्रतिनिधियों के लिए यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भीमबेटका शैलाश्रय की यात्रा आयोजित की जाएगी। यहां प्रतिनिधि भारत की प्रागैतिहासिक रॉक आर्ट और हजारों साल पुरानी सांस्कृतिक विरासत को देख सकेंगे।
कई देशों के कलाकार देंगे प्रस्तुति
BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन में विभिन्न देशों के कलाकार समूह भी हिस्सा ले रहे हैं।
मिस्र का नेशनल फोक ट्रूप
इंडोनेशिया के गायन और नृत्य कलाकार
रूस का नेशनल एकेडमिक फोक इंस्ट्रूमेंट ऑर्केस्ट्रा
दक्षिण अफ्रीका का जमाली ग्रुप
ब्राजील के कलाकारों की सांस्कृतिक और मार्शल आर्ट प्रस्तुति
कार्यक्रम में शामिल होंगे।
BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 के जरिए भोपाल पहली बार इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजन का केंद्र बना है। चार दिनों तक राजधानी में दुनिया के अलग-अलग देशों की कला, संस्कृति और परंपराओं का संगम देखने को मिलेगा।
news desk MPcg