इंदौर में मेडिकल विभाग के स्टोर कीपर राकेश गोरखे के कई ठिकानों पर छापा, करोड़ों की संपत्ति मिली
सुबह-सुबह EOW की टीम ने शुरू की कार्रवाई, घर और अन्य परिसरों में खंगाले दस्तावेज; कई संपत्तियों, पासपोर्ट और विदेश यात्रा से जुड़ी जानकारी की पड़ताल जारी
इंदौर में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मेडिकल विभाग के स्टोरकीपर राकेश गोरखे के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। बुधवार सुबह EOW की अलग-अलग टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर पहुंचकर तलाशी अभियान शुरू किया। कार्रवाई के दौरान टीम ने राकेश गोरखे की संपत्तियों, दस्तावेजों और आर्थिक रिकॉर्ड की जांच की।
EOW की जांच में शुरुआती तौर पर सामने आया है कि राकेश गोरखे के पास उनकी ज्ञात आय से करीब 110 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने की जानकारी मिली है। इसी आधार पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच शुरू की है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि उनकी संपत्तियां किस आय के स्रोत से अर्जित की गईं और इन संपत्तियों के लिए किए गए भुगतान का रिकॉर्ड क्या है।
छापेमारी के दौरान EOW की टीम ने राकेश गोरखे से जुड़े कई स्थानों पर पहुंचकर दस्तावेजों की जांच की। टीम ने संपत्तियों के कागजात, निवेश से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगाला। जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, राकेश गोरखे की कई संपत्तियों की पड़ताल की जा रही है। इनमें वृंदावन गार्डन में स्थित तीन मंजिला मकान, संघवी रेसिडेंसी, सद्गुरु कॉलोनी बड़िया कीमा, साकार सिटी, साहिल रेसिडेंसी और ओमेक्स सिटी से जुड़ी संपत्तियां शामिल हैं।
EOW अब इन सभी संपत्तियों की वास्तविक कीमत, खरीद का समय और उनके लिए इस्तेमाल किए गए पैसों के स्रोत की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि सरकारी कर्मचारी के रूप में प्राप्त आय और उनके नाम पर मौजूद संपत्तियों के बीच कितना अंतर है।
कार्रवाई के दौरान राकेश गोरखे के घर से पासपोर्ट मिलने की जानकारी भी सामने आई है। जांच में उनके थाईलैंड यात्रा करने की बात सामने आई है। अब EOW की टीम इस यात्रा से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि विदेश यात्रा के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं।
EOW की कार्रवाई के बाद मेडिकल विभाग से जुड़े इस मामले में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है और एजेंसी द्वारा मिले दस्तावेजों और रिकॉर्ड का सत्यापन किया जा रहा है।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की टीम यह भी जांच कर रही है कि राकेश गोरखे के बैंक खातों, संपत्तियों और अन्य निवेशों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कितना बदलाव आया है। इसके अलावा उनकी आय और खर्च के बीच अंतर का भी आकलन किया जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी के दौरान मिले सभी दस्तावेजों और जानकारियों की बारीकी से जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामले में आगे किस तरह की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल EOW की कार्रवाई जारी है और टीम द्वारा सभी संबंधित रिकॉर्ड जुटाए जा रहे हैं। आने वाले समय में जांच के आधार पर मामले में और भी जानकारी सामने आने की संभावना है।
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