यूपी में बड़ी पहल, सिंघानिया और बड़ा तालाब को मिला वेटलैंड का दर्जा, बढ़ेगा पर्यावरण संरक्षण
यूपी के चित्रकूट में दो तालाब बने राज्य संरक्षित वेटलैंड, प्रवासी पक्षियों को मिलेगा नया जीवन सिंघानिया तालाब और बड़ा तालाब को मिली कानूनी सुरक्षा, साइबेरिया और जापान से आने वाले पक्षियों के लिए सुरक्षित आश्रय
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के दो प्रमुख जलाशयों को राज्य संरक्षित वेटलैंड घोषित किया गया है। सिंघानिया तालाब और बड़ा तालाब (चित्रकूट) को अब आधिकारिक रूप से संरक्षित आर्द्रभूमि का दर्जा मिल गया है।
जैव विविधता और भूजल संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
इस फैसले से क्षेत्र में जैव विविधता संरक्षण, भूजल स्तर सुधार और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूती मिलेगी। दोनों तालाबों के आसपास 50 मीटर क्षेत्र में अब अतिक्रमण, खनन, कचरा डालने और भूमि उपयोग परिवर्तन जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी।
प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित ठिकाना
इन जलाशयों में सर्दियों के दौरान साइबेरिया, रूस, जापान, ऑस्ट्रेलिया और तिब्बत जैसे देशों से बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। इनमें साइबेरियन क्रेन, पेलिकन, सुरखाब, बार-हेडेड गूज और ब्लैक-हेडेड गल जैसी दुर्लभ प्रजातियां शामिल हैं।
इको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
वन विभाग की योजना के तहत यहां सीमांकन, सूचना बोर्ड, बर्ड वॉचिंग प्वाइंट, वाच टावर और नेचर ट्रेल विकसित किए जाएंगे। इससे न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।
स्थानीय प्रशासन की बड़ी पहल
जिले में पहली बार किसी जलाशय को वेटलैंड का कानूनी दर्जा मिला है। प्रशासन का मानना है कि यह कदम क्षेत्र के पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन विकास दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
news desk MPcg