बिहार: एनकाउंटर में युवक की मौत के बाद भारी बवाल, आरा–बक्सर फोरलेन जाम, पुलिस–प्रदर्शनकारियों में झड़प, लाठीचार्ज से कई घायल
बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में गुरुवार सुबह उस समय भारी तनाव फैल गया जब पुलिस एनकाउंटर में एक युवक की मौत की खबर सामने आई। मृतक की पहचान भरत भूषण तिवारी के रूप में की गई है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश इतना बढ़ गया कि बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार, आक्रोशित भीड़ ने शव को मुख्य सड़क पर रखकर आरा–बक्सर फोरलेन को पूरी तरह से जाम कर दिया। देखते ही देखते प्रदर्शन में लगभग डेढ़ से दो हजार ग्रामीण शामिल हो गए, जिससे हाईवे पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने युवक को एनकाउंटर में अत्यधिक बल प्रयोग कर मार दिया, जबकि पुलिस की ओर से प्रारंभिक बयान में कहा गया है कि मृतक मानसिक रूप से अस्थिर था और परिस्थितियों के अनुसार कार्रवाई की गई।
घटना के बाद माहौल लगातार बिगड़ता गया और तनाव बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने भीड़ को शांत करने और जाम हटाने के लिए समझाइश देने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित रूप से पथराव शुरू कर दिया गया, जिससे पुलिस और भीड़ के बीच झड़प की स्थिति बन गई।
स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई ग्रामीणों के घायल होने की सूचना है। लाठीचार्ज के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग इधर-उधर भागते नजर आए। इसके बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया और स्थिति को नियंत्रण में लेने का प्रयास शुरू किया।
घटनास्थल पर एंबुलेंस, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय पुलिस टीम लगातार मौजूद है। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि स्थिति दोबारा न बिगड़े।
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश देने की बात कही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट, CCTV फुटेज और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की जाएगी। वहीं परिजन और ग्रामीण अभी भी दोषियों पर कार्रवाई और न्यायिक जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।
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