इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सीधा रेल संपर्क जल्द होगा साकार
मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को सीधे रेल मार्ग से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन परियोजना अब तेजी से जमीन पर उतरती दिखाई दे रही है। लंबे समय से प्रतीक्षित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पहले चरण में सेंधवा के पास बोरविहीर-नरडाणा के बीच करीब 5 किलोमीटर रेल पटरी बिछाने का काम पूरा हो चुका है। परियोजना पूरी होने के बाद दोनों राज्यों के बीच आवागमन, व्यापार और पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
करीब 18,036 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है और निर्माण कार्य को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार अगले दो वर्षों में लगभग 50 किलोमीटर रेल लाइन तैयार होने की संभावना है।
309 किलोमीटर लंबा नया रेल मार्ग बदलेगा तस्वीर
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2 सितंबर 2024 को इस परियोजना के शेष 309 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग को मंजूरी दी थी। यह रेल लाइन महाराष्ट्र के नाशिक और धुले जिलों से होते हुए मध्य प्रदेश के बड़वानी, खरगोन, धार और इंदौर जैसे प्रमुख जिलों को जोड़ेगी।
इस परियोजना से मालवा-निमाड़ क्षेत्र को महाराष्ट्र के औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्रों से सीधा रेल संपर्क मिलेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
34 रेलवे स्टेशन होंगे विकसित
पूरी परियोजना के तहत कुल 34 रेलवे स्टेशनों का निर्माण प्रस्तावित है। इनमें 30 नए स्टेशन बनाए जाएंगे, जबकि शेष पहले से मौजूद स्टेशनों का विकास किया जाएगा।
मध्य प्रदेश में 18 स्टेशन और महाराष्ट्र में 16 स्टेशन इस रेल कॉरिडोर का हिस्सा होंगे। इससे दोनों राज्यों के कई छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों को भी पहली बार सीधा रेल संपर्क मिलेगा।
1700 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि का होगा अधिग्रहण
इस परियोजना के लिए लगभग 1701 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा, जिसमें निजी, सरकारी और वन भूमि शामिल है। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है।
सुरंगों और बड़े पुलों से गुजरेगी ट्रेन
यह रेल परियोजना आधुनिक इंजीनियरिंग का भी बेहतरीन उदाहरण होगी। मध्य प्रदेश में 7 सुरंगें बनाई जाएंगी, जिनकी कुल लंबाई करीब 30 किलोमीटर होगी। इनमें सबसे बड़ी सुरंग लगभग 6.2 किलोमीटर लंबी होगी। वहीं महाराष्ट्र में भी 2 सुरंगों का निर्माण प्रस्तावित है।
इसके अलावा नर्मदा समेत कई नदियों पर बड़े पुल बनाए जाएंगे। मध्य प्रदेश में 133 पुल और महाराष्ट्र में 11 पुल इस परियोजना का हिस्सा होंगे, जिससे कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में भी रेल संपर्क आसान हो सकेगा।
व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन शुरू होने के बाद मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच माल परिवहन की लागत घटेगी, यात्रा का समय कम होगा और उद्योग, कृषि, पर्यटन व रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। लंबे समय से प्रतीक्षित यह परियोजना दोनों राज्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली साबित हो सकती है।
news desk MPcg