छत्तीसगढ़ में रेत कारोबार की रंजिश बनी खूनी संघर्ष की वजह, भाजपा नेता समेत तीन की मौत, इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा

छत्तीसगढ़ में रेत कारोबार की रंजिश बनी खूनी संघर्ष की वजह, भाजपा नेता समेत तीन की मौत,  इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र में रेत कारोबार और कथित वर्चस्व की लड़ाई ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें भाजपा से जुड़े एक स्थानीय नेता समेत तीन लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामले में कई लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

जानकारी के अनुसार, यह घटना 16 जून की रात ग्राम नवगई में हुई, जहां दो पक्षों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रेत कारोबार के विवाद ने गंभीर हिंसा का रूप ले लिया। पुलिस के अनुसार, विवाद के दौरान एक वाहन को आग के हवाले कर दिया गया, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए। बाद में इलाज के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायलों का उपचार जारी है।

रेत कारोबार को लेकर लंबे समय से चल रहा था विवाद

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में रेत घाटों के संचालन, परिवहन और कथित वर्चस्व को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी समय से तनाव बना हुआ था। पहले भी विवाद और शिकायतें सामने आई थीं, लेकिन इस बार मामला हिंसक टकराव में बदल गया।

मृतकों में स्थानीय स्तर पर भाजपा से जुड़े पूर्व जनपद उपाध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह, उनके करीबी बिरेंद्र सिंह और रिश्तेदार नागेंद्र सिंह शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं दो अन्य घायल व्यक्तियों का उपचार अस्पताल में चल रहा है।

पुलिस ने कई आरोपियों पर दर्ज किया मामला

पुलिस ने घटना के संबंध में नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक कार्रवाई में कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इलाके में तनाव, सुरक्षा बढ़ाई गई

घटना के बाद सोनहत और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।

अवैध खनन और वर्चस्व की लड़ाई पर उठे सवाल

इस घटना के बाद एक बार फिर रेत कारोबार, अवैध खनन और स्थानीय स्तर पर बढ़ते वर्चस्व संघर्ष को लेकर बहस तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते विवादों का समाधान किया जाता और प्रशासनिक स्तर पर सख्ती बरती जाती, तो इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां पूरी तरह स्पष्ट हो सकेंगी।