नोएडा में पार्किंग विवाद में 77 वर्षीय रिटायर्ड बैंक अधिकारी की मौत, IIT रुड़की पासआउट पड़ोसी हिरासत में

नोएडा में पार्किंग विवाद में 77 वर्षीय रिटायर्ड बैंक अधिकारी की मौत, IIT रुड़की पासआउट पड़ोसी हिरासत में

नोएडा के सेक्टर-15 में एक मामूली पार्किंग विवाद ने बड़ा रूप ले लिया, जिसमें 77 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी प्रकाश चंद्र की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने उनके पड़ोसी और कथित तौर पर Indian Institute of Technology Roorkee से पासआउट युवक अंश को हिरासत में लिया है।

कैसे शुरू हुआ विवाद

रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना बृहस्पतिवार देर रात की है जब सेक्टर-15 में रहने वाले प्रकाश चंद्र और उनके पड़ोसी अंश के बीच कार पार्किंग को लेकर कहासुनी शुरू हुई। स्थानीय लोगों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पार्किंग को लेकर पहले भी दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बनी हुई थी, लेकिन उस रात विवाद अचानक बढ़ गया।

विवाद से हिंसा तक

झगड़े के दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान युवक ने बुजुर्ग को धक्का दे दिया, जिससे वे जमीन पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के तुरंत बाद परिजन और स्थानीय लोग उन्हें पास के अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने प्रारंभिक तौर पर सिर और अंदरूनी चोटों को मौत का कारण बताया।

पुलिस कार्रवाई

घटना के बाद नोएडा  पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और इसे गैर इरादतन हत्या (culpable homicide) या गंभीर लापरवाही से मौत के एंगल से जांचा जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार:

CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं
पड़ोसियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं
मेडिकल रिपोर्ट को केस में अहम सबूत माना जा रहा है
इलाके में तनाव और प्रतिक्रिया

घटना के बाद सेक्टर-15 इलाके में तनाव का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने इसे “छोटी सी बात पर बढ़ा विवाद” बताते हुए चिंता जताई है कि आवासीय सोसाइटियों में पार्किंग को लेकर लगातार झगड़े बढ़ रहे हैं।

परिजनों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जबकि पुलिस ने कहा है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।

बड़े सवाल फिर सामने

यह घटना एक बार फिर इस मुद्दे को सामने लाती है कि शहरी इलाकों में पार्किंग जैसे सामान्य विवाद कैसे कई बार हिंसक घटनाओं में बदल जाते हैं, और छोटी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।