झारखंड में भीषण सड़क हादसा: डंपर और ट्रेलर की टक्कर के बाद लगी भीषण आग, दो चालक जिंदा जले; तेज बारिश भी नहीं बुझा सकी आग
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो ट्रक चालकों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि दो अन्य चालक घायल हो गए। यह हादसा राजनगर-चाईबासा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-220) पर रोला-खैरबनी मोड़ के पास हुआ, जहां एक डंपर और ट्रेलर की आमने-सामने की टक्कर के बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई। तेज मूसलाधार बारिश के बावजूद आग इतनी विकराल थी कि दोनों वाहन कुछ ही मिनटों में पूरी तरह जलकर खाक हो गए।
पुलिस के अनुसार, हादसा सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात लगभग 12:30 बजे हुआ। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। आग पर काबू पाने और राहत-बचाव कार्य में काफी समय लगा।
टक्कर के बाद धधक उठे दोनों वाहन
प्रारंभिक जांच के अनुसार, डंपर और ट्रेलर की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हुई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसके तुरंत बाद दोनों में आग लग गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उस समय इलाके में लगातार तेज बारिश हो रही थी, लेकिन आग इतनी तीव्र थी कि बारिश का उस पर कोई असर नहीं पड़ा। कुछ ही देर में दोनों वाहन आग के गोले में तब्दील हो गए।
दो चालकों की दर्दनाक मौत
हादसे में ट्रेलर चालक की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से झुलसे डंपर चालक को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है तथा उनके परिजनों को सूचना दी जा रही है।
पीछे आ रहे दो अन्य ट्रेलर भी दुर्घटनाग्रस्त
मुख्य दुर्घटना के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। पीछे से आ रहे दो अन्य ट्रेलर अचानक सामने की स्थिति देखकर नियंत्रण खो बैठे और आपस में टकरा गए। इसके बाद दोनों वाहन सड़क किनारे खेत में पलट गए।
इस दूसरी दुर्घटना में दोनों ट्रेलर चालक घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
राहत एवं बचाव अभियान
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। आग बुझाने के बाद वाहनों में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। दुर्घटना के कारण एनएच-220 पर कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। बाद में क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर मार्ग को सामान्य किया गया।
दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर खराब मौसम, फिसलन भरी सड़क, सीमित दृश्यता अथवा तेज रफ्तार को दुर्घटना की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि दुर्घटना का वास्तविक कारण विस्तृत तकनीकी जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
अधिकारियों ने बताया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वाहनों की यांत्रिक जांच भी कराई जाएगी।
स्थानीय लोगों ने उठाई फोरलेन सड़क की मांग
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने राजनगर-चाईबासा मार्ग (एनएच-220) को शीघ्र फोरलेन बनाने की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जबकि सड़क की चौड़ाई और सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस सड़क पर पहले भी कई गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। उनका मानना है कि सड़क चौड़ी होने, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, डिवाइडर और आधुनिक सुरक्षा उपाय लागू होने से ऐसे हादसों में कमी लाई जा सकती है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लगातार हो रही बारिश को देखते हुए वाहन चालकों से सावधानी बरतने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और खराब मौसम में ओवरटेकिंग से बचने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि मानसून के दौरान फिसलन, कम दृश्यता और जलभराव के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए विशेष सतर्कता आवश्यक है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
news desk MPcg