बठिंडा में जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़! सोलर कैमरे से सेना की गतिविधियां रिकॉर्ड कर विदेश भेजी जा रही थी जानकारी
पंजाब के बठिंडा से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में एक संदिग्ध जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जिस पर सेना और सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियों की निगरानी कर संवेदनशील जानकारी विदेशों में बैठे देश विरोधी तत्वों तक पहुंचाने का आरोप है।
अब तक इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। जांच एजेंसियों को इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन होने की भी आशंका है।
सोलर कैमरे से हो रही थी लाइव निगरानी
प्रारंभिक जांच के अनुसार, बठिंडा-मलोट मार्ग पर एक सरकारी बिजली के खंभे पर सोलर ऊर्जा आधारित कैमरा लगाया गया था। इसमें सक्रिय सिम कार्ड लगा था, जिससे दूर बैठे लोग लाइव फुटेज देख सकते थे। बताया जा रहा है कि कैमरे को ऐसी जगह लगाया गया था, जहां से राष्ट्रीय राजमार्ग और सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके।
सेना की आवाजाही पर थी खास नजर
जांच में सामने आया है कि राजस्थान, फाजिल्का और फिरोजपुर सीमा क्षेत्रों की ओर जाने वाले सैन्य वाहनों और सुरक्षा बलों की आवाजाही की रिकॉर्डिंग की जा रही थी। आरोप है कि यह वीडियो फुटेज पाकिस्तान और कनाडा में बैठे संदिग्ध नेटवर्क तक पहुंचाई जा रही थी।
दो गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने पहले अमृतसर के अजनाला क्षेत्र से एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद दूसरे आरोपी को भी हिरासत में लिया गया। मामले में कुल चार लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनमें से दो अभी फरार बताए जा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और अब तक कितनी संवेदनशील सूचनाएं विदेशों तक पहुंचाई गईं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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