जम्मू में चला बुलडोजर, रेलवे स्टेशन के पास 10 करोड़ की सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त
जम्मू रेलवे स्टेशन के आसपास बुधवार तड़के उस समय हलचल मच गई जब जम्मू विकास प्राधिकरण (JDA) ने जिला प्रशासन और पुलिस बल के सहयोग से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। सुबह करीब पांच बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में रेलवे स्टेशन के बाहर मंगल मार्केट और वैष्णवी धाम के पीछे स्थित लगभग चार कनाल सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। अधिकारियों के अनुसार इस जमीन की बाजार कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई है।
अभियान के दौरान जेसीबी मशीनों की मदद से जेडीए की जमीन पर अवैध रूप से बने 30 से अधिक खोखे, ढाबे और अन्य व्यावसायिक ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई अदालत के आदेश के बाद की गई। लंबे समय से इस सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद संबंधित मामले की सुनवाई हुई और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए।
हालांकि इस कार्रवाई के बाद प्रभावित लोगों में नाराजगी देखने को मिली। खोखा और ढाबा संचालकों का कहना है कि वे पिछले करीब 13 वर्षों से यहां अपना कारोबार कर रहे थे। उनका दावा है कि पहले वे मुख्य सड़क के किनारे दुकानें चलाते थे, लेकिन पूर्व में जेडीए द्वारा हटाए जाने के बाद उन्हें इस स्थान पर आकर कारोबार करना पड़ा था।
अचानक हुई इस कार्रवाई से दर्जनों परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के ढांचे तोड़े जाने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। अधिकारियों के मुताबिक शहर में विकास परियोजनाओं और सार्वजनिक उपयोग की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी।
जम्मू रेलवे स्टेशन के आसपास हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है। प्रशासन जहां इसे कानून के पालन और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बता रहा है, वहीं प्रभावित लोग पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
news desk MPcg