वाराणसी में 'ऑपरेशन वज्रपात' का बड़ा असर: 165 गैंग चिन्हित, 1080 सदस्य रडार पर, 554 सोशल मीडिया प्रोफाइल हटाई गईं

वाराणसी में 'ऑपरेशन वज्रपात' का बड़ा असर: 165 गैंग चिन्हित, 1080 सदस्य रडार पर, 554 सोशल मीडिया प्रोफाइल हटाई गईं

अपराधियों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर गैंग संस्कृति को बढ़ावा देने और समाज में भय का माहौल बनाने की बढ़ती घटनाओं के बीच वाराणसी परिक्षेत्र पुलिस ने "ऑपरेशन वज्रपात" चलाकर डिजिटल और आपराधिक नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) वैभव कृष्ण के निर्देशन में 1 से 5 जून तक चले इस विशेष अभियान का उद्देश्य केवल अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उनके पूरे डिजिटल, सामाजिक और आपराधिक इकोसिस्टम को ध्वस्त करना था।

अभियान के दौरान वाराणसी परिक्षेत्र के जनपदों में कुल 165 आपराधिक गैंगों की पहचान की गई, जिनसे जुड़े 1,080 गैंग लीडर और सदस्य पुलिस के रडार पर आए। पुलिस जांच में सामने आया कि ये गैंग इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हथियारों के साथ फोटो, रील और वीडियो साझा कर दहशत फैलाने तथा अपना प्रभाव स्थापित करने की कोशिश कर रहे थे।

पुलिस ने अभियान के दौरान 554 आपत्तिजनक सोशल मीडिया प्रोफाइल और डिजिटल लिंक हटवाए, जबकि 94 आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए और 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार इन गैंगों की गतिविधियों की पिछले पांच वर्षों के आपराधिक रिकॉर्ड से भी जांच की गई ताकि उनके नेटवर्क और आर्थिक गतिविधियों का पता लगाया जा सके।

आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 64 गैंग चंदौली, 56 गैंग जौनपुर और 45 गैंग गाजीपुर में चिन्हित किए गए। इन गैंगों के नाम महाकाल गैंग, कटरा गैंग, 315 गैंग और फरसा गैंग जैसे नामों से सामने आए, जो सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को प्रभावित करने और स्थानीय स्तर पर दबदबा बनाने की कोशिश कर रहे थे।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया पर अपराध के महिमामंडन को रोकना, गैंग संस्कृति पर अंकुश लगाना और युवाओं को अपराधी मानसिकता से दूर रखना है। इसके लिए व्यापारियों, छात्रों, अधिवक्ताओं और स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए गए तथा लोगों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने की अपील की गई।

वाराणसी पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे डिजिटल नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर भय फैलाने या अपराध को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।