उत्तराखंड में मतदाता सूची अपडेट की बड़ी प्रक्रिया 811 नए बूथ जुड़ेंगे, 14 जुलाई को जारी होगा ड्राफ्ट रोल
उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची को अपडेट करने और मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य में इस कवायद के बाद 811 नए मतदान बूथ जोड़े जाएंगे, जिससे कुल मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 12,544 हो जाएगी। निर्वाचन विभाग ने घोषणा की है कि 14 जुलाई 2026 को प्रारूप मतदाता सूची (ड्राफ्ट वोटर लिस्ट) प्रकाशित की जाएगी।
बूथ पुनर्गठन के बाद नई व्यवस्था लागू होगी
निर्वाचन विभाग के अनुसार, जिन मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक पाई गई थी, उन्हें विभाजित कर नए बूथ बनाए गए हैं। यह पूरी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग की मंजूरी के बाद की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि बूथों का यह पुनर्गठन मतदाताओं को बेहतर सुविधा देने और मतदान प्रक्रिया को अधिक सुचारू बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
98 प्रतिशत तक पहुंचा गणना कार्य
राज्य में SIR अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक:
लगभग 98% मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाए जा चुके हैं
करीब 12% प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है निर्वाचन विभाग ने बताया कि शेष कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा कर लिया जाएगा।
समयबद्ध तरीके से पूरी होगी पूरी प्रक्रिया
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार पूरी प्रक्रिया का विस्तृत कार्यक्रम तय किया गया है—
7 जुलाई 2026 तक: गणना प्रपत्रों का वितरण और संग्रहण पूरा
14 जुलाई 2026: प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन
14 जुलाई से 13 अगस्त: दावे एवं आपत्तियां दर्ज करने की अवधि
11 सितंबर तक: आपत्तियों का निस्तारण
15 सितंबर 2026: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
पर्वतीय जिलों में तेजी से काम पूरा
अधिकारियों के मुताबिक चंपावत, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़ और पौड़ी गढ़वाल जैसे जिलों में 99 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है, जबकि देहरादून, नैनीताल और टिहरी जिलों में भी काम तेजी से चल रहा है।
22,900 बूथ लेवल एजेंट तैनात
राज्य में राजनीतिक दलों ने भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाई है। अब तक लगभग 22,900 बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त किए जा चुके हैं, जो मतदाता सूची की निगरानी और सत्यापन कार्य में सहयोग कर रहे हैं।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में कदम
निर्वाचन विभाग का मानना है कि यह पूरा अभियान मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे आने वाले चुनावों में मतदान प्रक्रिया और अधिक सुव्यवस्थित होने की उम्मीद है।
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