Archery World Cup 2026 धीरज बोम्मादेवरा का गोल्डन डबल, ओलंपिक मेडलिस्ट को हराकर रचा इतिहास

Archery World Cup 2026 धीरज बोम्मादेवरा का गोल्डन डबल, ओलंपिक मेडलिस्ट को हराकर रचा इतिहास

भारतीय तीरंदाजी के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ, जब युवा स्टार धीरज बोम्मादेवरा ने विश्व मंच पर अपने शानदार प्रदर्शन से देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। तीरंदाजी विश्व कप स्टेज-3 में धीरज ने पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता दक्षिण कोरिया के ली वू सियोक को 7-3 से हराकर पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक अपने नाम किया। खास बात यह रही कि इससे कुछ घंटे पहले ही उन्होंने कुमकुम मोहोद के साथ रिकर्व मिक्स्ड टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण जीतकर 'गोल्डन डबल' पूरा किया।

फाइनल में दिखाया चैंपियन वाला दम

दुनिया के 18वें नंबर के भारतीय तीरंदाज धीरज ने मुकाबले की शुरुआत बेहद शानदार अंदाज में की। उन्होंने शुरुआती दो सेट 30-29 और 29-28 से जीतकर 5-1 की मजबूत बढ़त बना ली। तीसरा सेट 27-27 से बराबरी पर रहा, जबकि चौथे सेट में ली वू सियोक ने वापसी करते हुए स्कोर 5-3 कर दिया। लेकिन निर्णायक सेट में धीरज ने दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया और शानदार निशाने लगाते हुए मुकाबला 7-3 से अपने नाम कर लिया।

एक ही दिन में दो गोल्ड जीतकर रचा इतिहास

व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने से पहले धीरज बोम्मादेवरा ने कुमकुम मोहोद के साथ रिकर्व मिक्स्ड टीम इवेंट में भी भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। एक ही दिन में दो स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने भारतीय तीरंदाजी इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया।

कोरियाई दिग्गज को हराना आसान नहीं था

दक्षिण कोरिया तीरंदाजी की सबसे मजबूत ताकत माना जाता है और ली वू सियोक जैसे ओलंपिक पदक विजेता को हराना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि है। धीरज ने पूरे मुकाबले में संयम, सटीकता और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनिया को अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

भारत के लिए बड़ी उपलब्धि

धीरज की इस जीत ने भारत की तीरंदाजी टीम के बढ़ते दबदबे को एक बार फिर साबित कर दिया है। आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और ओलंपिक तैयारियों के लिहाज से यह स्वर्ण पदक भारतीय टीम के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

धीरज बोम्मादेवरा का यह 'गोल्डन डबल' न सिर्फ उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि है, बल्कि भारतीय तीरंदाजी के लिए भी गर्व का क्षण बन गया है।