रतलाम में 208 EWS फ्लैट खाली कराने पर हंगामा, पूर्व विधायक पारस सकलेचा और निगम कमिश्नर में बहस; कार्रवाई के विरोध में सड़क पर लेटे
प्रधानमंत्री आवास योजना की मल्टी में कार्रवाई के दौरान रहवासियों का विरोध, निगम ने बकाया राशि जमा नहीं करने का हवाला दिया
मध्य प्रदेश के रतलाम में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनी ईडब्ल्यूएस (EWS) मल्टी से 208 परिवारों को खाली कराने की कार्रवाई बुधवार सुबह विवादों के बीच शुरू हुई। नगर निगम की टीम प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल के साथ डोसी गांव स्थित मल्टी पहुंची, जहां फ्लैट खाली कराने को लेकर रहवासियों ने विरोध शुरू कर दिया।
कार्रवाई के दौरान कई फ्लैटों से सामान बाहर निकाला गया और मकानों को सील किया गया। नगर निगम की टीम ने घरों से घरेलू सामान निकालकर लोडिंग वाहनों में रखा। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे घरों के बाहर बैठकर कार्रवाई का विरोध करते नजर आए।
रहवासियों के समर्थन में पहुंचे पूर्व विधायक पारस सकलेचा
कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद पूर्व विधायक पारस सकलेचा भी मौके पर पहुंचे और रहवासियों के समर्थन में विरोध दर्ज कराया। उन्होंने बारिश के मौसम में परिवारों को हटाने की कार्रवाई पर आपत्ति जताई और इसे रोकने की मांग की।
विरोध के दौरान पारस सकलेचा और नगर निगम कमिश्नर अनिल भाना के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों के बीच बातचीत के दौरान माहौल गरमा गया।
बताया गया कि बहस के दौरान पारस सकलेचा ने कमिश्नर से कहा, "आपकी नौकरी खा जाऊंगा।" वहीं कमिश्नर अनिल भाना ने जवाब देते हुए कहा कि अगर उन्हें इतनी चिंता है तो वे संबंधित राशि जमा कर दें।
विरोध के दौरान सड़क पर लेटे सकलेचा
कार्रवाई रोकने की मांग को लेकर पारस सकलेचा ने विरोध तेज कर दिया। उन्होंने लोडिंग वाहन को रोकने का प्रयास किया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें हटाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने विरोध जारी रखा।
इसके बाद वे सड़क पर बैठ गए और फिर लेट गए। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें हटाने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि वे नहीं उठेंगे।
विरोध के चलते मौके पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही। समर्थकों ने भी नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और एंबुलेंस को मौके पर बुलाया गया।
कांग्रेस पार्षद को भी पुलिस ने हटाया
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पार्षद मोहम्मद सलीम बागवान भी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। पुलिस ने उन्हें मौके से हटाया।
लगातार विरोध के बीच कुछ देर बाद पारस सकलेचा की तबीयत बिगड़ गई। मेडिकल स्टाफ और पुलिसकर्मियों ने उन्हें संभाला और एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल ले जाने से पहले उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।
निगम का दावा- बकाया राशि जमा नहीं करने पर कार्रवाई
नगर निगम के अनुसार, डोसी गांव स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना की EWS मल्टी में रहने वाले 208 हितग्राहियों को पहले नोटिस जारी किए गए थे।
निगम का कहना है कि 31 जुलाई को रहवासियों को फ्लैट की बकाया राशि जमा करने के लिए नोटिस दिया गया था। उन्हें 4 अगस्त तक करीब 1.80 लाख रुपए जमा करने को कहा गया था। समय सीमा समाप्त होने के बाद फ्लैट खाली कराने की कार्रवाई शुरू की गई।
नगर निगम का यह भी दावा है कि पिछले कई वर्षों में संबंधित हितग्राहियों को कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं और राशि जमा नहीं करने के कारण यह कार्रवाई की गई है।
रहवासियों ने लगाए ये आरोप
वहीं, रहवासियों का आरोप है कि उन्हें बिना पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था के फ्लैट खाली करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उनका कहना है कि बारिश के मौसम में परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो जाएगी।
रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम द्वारा मूलभूत सुविधाओं को लेकर किए गए वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने पानी, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी शिकायतें दर्ज कराई हैं।
स्लम क्षेत्र से पुनर्वास के तहत मिले थे फ्लैट
जानकारी के अनुसार, जावरा रोड स्थित शिवशंकर कॉलोनी और प्रकाश नगर क्षेत्र में रेलवे की जमीन पर बसे परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डोसी गांव स्थित EWS मल्टी में शिफ्ट किया गया था।
सर्वे के बाद कुल 396 हितग्राहियों की सूची तैयार की गई थी। इनमें से कुछ लोगों ने बैंक ऋण लिया और कुछ ने एकमुश्त राशि जमा की, जबकि 208 हितग्राहियों ने ऋण प्रक्रिया पूरी नहीं की।
नगर निगम का कहना है कि भुगतान प्रक्रिया पूरी नहीं होने और बकाया राशि जमा नहीं करने के कारण कार्रवाई की गई है।
कार्रवाई के दौरान जारी रहा विरोध
फ्लैट खाली कराने की कार्रवाई के दौरान रहवासी और कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार विरोध करते रहे। वहीं नगर निगम की टीम पुलिस सुरक्षा के बीच अपनी कार्रवाई करती रही।
फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन और नगर निगम की ओर से कार्रवाई के कारणों को लेकर जानकारी दी गई है, जबकि रहवासी अपनी मांगों को लेकर विरोध जता रहे हैं। मामले में आगे की कार्रवाई प्रशासनिक स्तर पर जारी है।
news desk MPcg